राहुल गांधी: नारी के लिए पांच न्याय, आधी आबादी को मिलेगा पूरा हक़

भारत जोड़ो न्याय यात्रा का 60वां दिन महाराष्ट्र के धुले ज़िले से शुरू हुई। न्याय यात्रा के नेता राहुल गांधी ने कल आदिवासी न्याय की घोषणा करके लोगों में एक उम्मीद जगा दी है। यही कारण था कि धुले के दोंडाइचा से शुरू हुई इस यात्रा में बच्चे, बूढ़े और जवान सभी पूरे जोश से साथ जुड़े थे। रोजाना की तरह यात्रा की शुरूआत राहुल गांधी ने रोड शो से की। सबसे पहले राहुल गांधी धुले स्थित क्रांति स्मारक पहुंचे और वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद मनोहर टॉकिज चौक के पास उन्होंने लोगों को संबोधित किया। जैसा कि राहुल गांधी करते हैं, शांत, संयमित भाषा में लोगों से सवाल करते हुए आस पास के मुद्दों और लोगों पर हो रहे अन्याय के बारे में विस्तार से बात की।

उन्होंने कहा- ‘देश में तीन मुद्दे हैं। महंगाई, बेरोजगरी, भागीदारी। दलितों, पिछड़ों, गरीबों और आदिवासियों का सरकार नहीं सोच रही है। कांग्रेस इसे बदलेगी और इसके लिए अपने मैनिफेस्टो में उन्होंने कुछ घोषणाएं की है। ऐतिहासिक क्रांतिकारी कदम जाति जनगणना, देश का एक्‍स-रे और जाति जनगणना के साथ इकोनॉमिक फायनेंशियल सर्वे और पुराना सर्वे जैसा नहीं, मैं करवाऊंगा और मैं बताता हूं कैसे कराऊंगा। सबसे पहले सबको पता लग जाएगा किसकी गिनती कितनी है। दलितों को पता लग जाएगा, आदिवासियों को, पिछड़ों को, जनरल कास्ट, माइनॉरिटी, सबको पता लग जाएगा। दूसरा कदम, जो हिंदुस्तान को सोने की चिड़िया कहा जाता है, अगला स्टेप होगा, ये धन किसके हाथ में है। क्या पिछड़ों के हाथ में है, गरीब जनरल कास्ट के हाथ में है, दलितों के हाथ में है, आदिवासियों के हाथ में है या दो प्रतिशत लोगों के हाथ में है।’

धुले में कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं के लिए एक सम्मेलन का आयोजन किया था। इसे महिला मेलावा बैठक का नाम दिया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जन खरगे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महिला मेलावा बैठक में मौजूद महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने नारी न्याय के तौर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा- महिला हमारे देश के आधी आबादी है लेकिन दुख के साथ कहना पड़ता है कि पिछले दस सालों में उन्हें कुछ नहीं मिला। मोदी सरकार ने सिर्फ उनकी मुश्किलें बढ़ाई हैं। काम हुआ है तो सिर्फ महिलाओं के नाम पर राजनीति और उनसे वोट लेने का। चाहे महिला आरक्षण का जुमला हो, बढ़ती महंगाई हो, रिकॉर्ड अपराध हो, इन सभी मुद्दों का असर सबसे ज्यादा महिलाओं पर होता है। इन सभी मुद्दों पर बीजेपी सरकार फेल रही है। इसलिए कांग्रेस पार्टी आज नारी न्याय गारंटी की घोषणा करती है। इसके तहत कांग्रेस पार्टी देश में महिलाओं के लिए एक नया एजेंडा सेट करने जा रही है। नारी न्याय के अंतर्गत कांग्रेस पार्टी पांच घोषणाएं कर रही है।

  1. महालक्ष्मी गारंटी - इसके तहत देशभर के सभी गरीब परिवारों की एक महिला को सालाना एक लाख रूपए सहायता दी जाएगी।

  1. आधी आबादी पूरा हक़ - इसके तहत केंद्र सरकार की नई नियुक्तियों में आधा हक़ महिलाओं को मिलेगा।

  1. शक्ति का सम्मान - इस योजना के तहत आंगनवाड़ी, आशा और मिड-डे मिल योजनाओं में काम करने वाली महिलाओं के वेतन में केंद्र सरकार का योगदान दोगुना होगा।

  1. अधिकार मैत्री - इसके तहत हर पंचायत में महिलाओं को उनके हक के लिए जागरूक करने और जरूरी मदद के लिए एक कानूनी सहायक की नियुक्ति की जाएगी।

  1. सावित्री बाई फुले हॉस्टल - भारत सरकार देश भर में सभी जिला मुख्यालय में कम से कम एक हॉस्टल कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाएगी। और पूरे देश में इन हॉस्टल की संख्या दोगुनी की जाएगी।

इसके पहले हमने युवा न्याय और भागीदारी न्याय की घोषणा की है। हमारे वादे खोखले जुमले नहीं होते। हमारा कहा पत्थर की लकीर होता है। 1926 से अबतक का ये हमारा रिकॉर्ड है, जब हमारे विरोधियों का जन्म हो रहा था तब से हम मैनिफेस्टो बना रहे थे और उन्हें पूरा कर रहे थे।’

कांग्रेस अध्यक्ष की इस घोषणा के बाद राहुल गांधी मंच पर आए और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत महिलाओं के स्वागत से की और कहा- ‘आज बहनें ज्यादा दिख रही हैं। ये देखकर अच्छा लग रहा है। आमतौर पर आपको पीछे या कोने में बिठा दिया जाता है, आज पुरूषों को साइड में कर दिया है।’

राहुल गांधी ने कहा- ‘हिंदुस्तान में 22 ऐसे लोग हैं जिनके पास उतना ही धन है जितना 70 करोड़ लोगों के पास है। अरबपतियों का 16 लाख करोड़ रूपया माफ किया जाता है। एक साल के लिए मनरेगा चलाने के लिए 65 हजार करोड़ रूपया लगता है। मतलब 24 साल का मनरेगा का पैसा मोदी जी ने 22-25 लोगों का कर्जा माफ करके दिया। किसानों का माफ नहीं किया, कॉलेज की फीस माफ नहीं दिया, महिलाओं का नहीं किया, मजदूरों का माफ नहीं किया, जो देश में सबसे अमीर लोगों का 16 लाख रूपया का कर्जा माफ कर दिया। इससे बड़ा अन्याय कुछ हो ही नहीं सकता। मैं सिर्फ ये कह रहा हूं कि अगर अमीरों का कर्जा माफ हो रहा है तो महिलाओं, युवाओं, गरीबों का भी कर्जा माफ होना चाहिए। ये है आर्थिक अन्याय।’

इसके बाद सामाजिक अन्याय के बारे में बताते हुए राहुल गांधी ने कहा- ‘देश में करीब 50 प्रतिशत पिछड़े वर्ग के लोग हैं। कितने हैं ये कोई नहीं जानता। 15 प्रतिशत दलित हैं, 15 प्रतिशत अल्पसंख्यक, 8 प्रतिशत आदिवासी और 5 प्रतिशत गरीब जनरल कास्ट के लोग हैं। मगर इन लोगों की भागीदारी देखें तो हिंदुस्तान के ये 90 प्रतिशत लोग कहीं दिखाई नहीं देंगे। मोदी जी ने जब 400 रूपए सिलेंडर की कीमत थी तो कहा था कि महंगा है। आज 1100 रूपए का है, लेकिन मीडिया में इसके लिए कुछ आपको सुनने को नहीं मिलेगा।

कांग्रेस अध्यक्ष के नारी न्याय की घोषणा को ही राहुल गांधी ने महिला मेलावा बैठक में उपस्थित महिलाओं को बताया। बैठक में हजारों की संख्या में मौजूद महिलाओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने कई महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान दिलाया।

उन्होंने कहा- ‘बड़े मीडिया हाउस, कॉर्पोरेट, प्राइवेट हॉस्पिटल, प्राइवेट कॉलेज और यूनीवर्सिटी, यहां तक की सरकार के विभागों में भी 90% जनता की कोई भागीदारी नहीं है। लेकिन पैसा आपका जरूर जाएगा। अस्पताल को जमीन जाएगी तो वो आपकी जमीन दी जाएगी। जब जमीन लेने का टाइम आता है तो आपके सामने खड़े हो जाते हैं, जब भागीदारी देने का टाइम आता है तो आपको पीछे धकेल देते हैं। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान महिलाओं का होता है। क्योंकि आपको डबल चोट लगती है। आप आदिवासी हैं, आप महिला भी हैं। आप पिछड़े वर्ग की हैं, आप महिला हैं। आप गरीब हैं, आप महिला हैं। तो हर चीज में आपको डबल चोट लगती है। नरेंद्र मोदी जी ने धूमधाम से लोकसभा में आरक्षण दिया, पटाखे फोड़े, डांस गाना हुआ और फिर आपको बताया जाता है कि देखिए सर्वे के बाद आपको आरक्षण दिया जाएगा। सर्वे कब होगा दस साल के बाद। कांग्रेस पार्टी की सरकार आएगी तो हम आपको एकदम आरक्षण दे देंगे। किसी सर्वे की जरूरत नहीं है। ये सबसे पहला काम कांग्रेस करेगी। हम चाहते हैं कि हर संस्था में महिलाओं की भागीदारी हो। महिलाएं दिखाई दें।’

नारी न्याय की घोषणा करते हुए राहुल गांधी ने कहा- ‘महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत है। खरगे जी ने आज पांच ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं।

  1. महालक्ष्मी गारंटी - हिंदुस्तान की हर गरीब महिला को चाहे वो मजदूरी करे, खेती करे, छोटा जॉब करे, हर गरीब महिला को सीधे बैंक अकाउंट में हिंदुस्तान की सरकार साल का 1 लाख रुपए देगी। अगर नरेंद्र मोदी जी अरबपतियों को 16 लाख करोड़ रुपए दे सकते हैं तो हम गरीब महिलाओं को 1 लाख रूपए दे सकते हैं।
  2. आधी आबादी पूरा हक़ - सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 50% का आरक्षण देंगे। हर सरकारी ऑफिस में कुछ ही सालों में आपको 50 प्रतिशत महिलाएं दिखेंगी। हम आपके लिए दरवाजे खोलने का काम करेंगे।
  3. शक्ति का सम्मान - इस योजना के तहत आंगनवाड़ी, आशा और मिड-डे मिल योजनाओं में काम करने वाली महिलाओं के वेतन में केंद्र सरकार का योगदान दोगुना कर देंगे।
  4. अधिकार मैत्री - हर पंचायत में हम एक अधिकार मैत्री यानी कानूनी सहायक को नियुक्त करेंगे। वो महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में समझाएँगी और उनके अधिकारों के लिए उनके साथ मिलकर लड़ेंगी।
  5. सावित्री बाई फुले हॉस्टल - सावित्री बाई फुले जी की याद में हम हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल खोलेंगे। जो महिलाएँ जॉब करती हैं उनके लिए हॉस्टल खोलेंगे। उनको वहां सुरक्षा मिलेगी, अच्छा भोजन मिलेगा।

ये हम आपके लिए काम करने जा रहे हैं। जो मैंने भागीदारी की बात कही, पिछड़े, दलितों, आदिवासी की बात कही उसके लिए कोई न कोई रास्ता तो निकालना होगा। रास्ता- जाति जनगणना है। सभी की गिनती। और उसके बाद आर्थिक सर्वे।’

इस संबोधन के बाद यात्रा मालेगांव की तरफ निकल पड़ी। मालेगांव के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में पूजा की। उसके बाद रोड शो में निकल पड़े। मालेगांव में हुए रोड शो में भी हजारों की संख्या में लोग यात्रा के साथ जुड़े। यात्रा को भारत की जनता का जो सम्मान, प्यार बिना किसी मीडिया कवरेज के मिल रहा है वो बतलाता है कि न्याय के लड़ाई की धमक दूर दराज के इलाकों में स्वत: पहुंच रही है। मालेगांव में राहुल गांधी ने जनता को संबोधित किया और केंद्र सरकार पर जबरदस्त हमला किया। उन्होंने आर्थिक अन्याय, सामाजिक अन्याय की बातें करते हुए लोगों से न्याय की इस लड़ाई में साथ देने का आश्वासन लिया। उन्होंने कहा कि अगर मोदी सरकार की अनैतिक नीतियों के खिलाफ खड़ा होना है तो नफरत के इस बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलनी होगी। पैसे जनता की जेब से निकालकर अमीरों की जेब में डालने का चलन बंद करना है तो इंडिया गठबंधन की सरकार जरूरी है।

राहुल गांधी ने कहा- ‘देश के सामने तीन समस्याएं हैं। महंगाई, बेरोजगारी और भागीदारी। मोदी जी हिंदुस्तान का इन मुद्दों से ध्यान भटकाने में लगे रहते हैं। महंगाई और बेरोजगारी से सभी लोग रोज सामना करते हैं। जो लोग छोटा बिजनेस चलाते थे, मालेगांव के पावरलूम को, छोटे बिजनेस को GST और नोटबंदी ने खत्म कर दिया। ये नरेंद्र मोदी जी ने अदानी जैसे अरबपतियों के लिए किया है। अदानी ने मोदी जी से कहा कि अगर अपना चेहरा टीवी पर चाहते हो जीएसटी और नोटबंदी लाओ और ये छोटे व्यापारियों को खत्म करो। मोदी जी ने वही किया। रोजगार बड़े अरबपति नहीं देते हैं, रोजगार यहां पावरलूम में मिलता है, रोजगार छोटे व्यापारी देते हैं, रोजगार MSME वाले लोग देते हैं, उन सभी को मोदी जी ने खत्म कर दिया है। आज देश की ये हालत है कि युवाओं को रोजगार नहीं मिल सकता। UPA के समय 400 रूपए का सिलेंडर था तो मोदी जी कहते थे कि महंगा है। आज 1100 का है लेकिन मीडिया वाले नहीं कहते कि सिलेंडर महंगा है।’

राहुल यहीं नहीं रूके। उन्होंने कहा- ‘युवाओं के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपने मैनिफेस्टो में पांच काम करने की गारंटी दी है। बीजेपी वाली गारंटी नहीं, कांग्रेस की गारंटी, वारंटी के साथ। बीजेपी के एक एमपी ने कहा कि चुनाव के बाद हम संविधान को खत्म कर देंगे। सबसे पहले मैं आपसे कह रहा हूं। मोदी छोड़ो दुनिया में कोई शक्ति नहीं है जो संविधान को खत्म कर सकती है। इससे आपको अधिकार मिला है। ये देश की नींव है इसको कोई नहीं छुएगा। ये कुछ भी कह लें हम इनको नहीं छूने देंगे।

  1. तीस लाख सरकारी वैकेंसी है। जैसे ही हमारी सरकार आएगी हम वो वैकेंसी भर देंगे।
  2. हम एक योजना लाएँगे जिसका नाम पहली नौकरी पक्की। जैसे मनरेगा में हमने लोगों को रोजगार दिया वैसे ही हिंदुस्तान में जिन युवा के पास कॉलेज की डिप्लोमा या डिग्री हो उसे गारंटी से एक साल Apprenticeship का अधिकार देंगे। मतलब उसको एक साल की नौकरी मिलेगी। एक लाख रूपए साल के मिलेंगे और एक साल में उसकी ट्रेनिंग होगी। प्राइवेट कंपनी में, सरकार में ये नौकरियां मिलेंगी.
  3. पेपर लीक को हम बंद कराएंगे। सिर्फ सरकारी संस्थाएं पेपर करवा पाएंगी। और अगर किसी ने पेपर लीक कराया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी।
  4. आज बहुत सारे युवा डिलीवरी का काम करते हैं, टैक्सी चलाते हैं, ऐसे युवा को सोशल सिक्योरिटी देंगे। उनके लिए कंपनी अलग पैसा रखेगी और जब वो रिटायर होंगे तो वो पैसा उनके जेब में पेंशन की तरह दिया जाएगा।
  5. युवा रोशनी हमारा पांचवा काम होगा। मोदी जी स्टार्ट-अप इंडिया करते रहते हैं लेकिन उसका कुछ हुआ नहीं। हम हर जिले में 5000 करोड़ रुपए स्टार्ट-अप के लिए भेजेंगे। जो युवा अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं उनके लिए हर जिले में 20 करोड़ रुपया हमारी सरकार भेजेगी। और वो सिर्फ गरीब युवाओं के लिए होगा, उनके बिजनेस के लिए होगा।’

भीड़ ने EVM हटाओ का नारा दिया। इस पर राहुल गांधी ने अपना पक्ष रखा- ‘EVM में कमी है ये पूरा हिंदुस्तान कह रहा है। हम चुनाव आयोग गए, वो सुनने को तैयार नहीं है। चुनाव से कुछ ही दिन पहले एक चुनाव आयुक्त ने इस्तीफा दे दिया। कुछ तो बात रही होगी।’

राहुल गांधी को सुनने आई महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा- ‘आज हमने महिलाओं के लिए पांच न्याय की घोषणाएं की हैं। हिंदुस्तान की हर गरीब महिला को 1 लाख रुपया सालाना देंगे।’

इस संबोधन के बाद यात्रा रात्रि शिविर की ओर निकल पड़ी। आज का रात्रि शिविर मालेगांव के पास लगाया गया था।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

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Comments (2)

  1. Raju Gupta

    श्री राहुल गांधी जी आज सभी युवाओं के प्रेरणा स्रोत वह मार्गदर्शक व उनके न्याय के लिये लड़ने वाला महान योद्धा श्री राहुल गांधी जी को प्रणाम

    सर मैं आपका ध्यान उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में ब्लॉक कम्युनिटी प्रक्रिया मैनेजर (BCPM ) के पद पर लगभग 700 कर्मचारी कार्यरत हैं यह कर्मचारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का बहुत बड़ा जिम्मेदारी ब्लॉक स्तर पर लेकर चलता है लेकिन इस इनको न्याय आज तक नहीं मिल पाया है यह कर्मचारी दिन प्रतिदिन शासन व प्रशासन के द्वारा नित्य दिए गए आदेशों का पालन करते-करते इतना दबते गया कि अब इनके पास समय नहीं रह गया है कि अपने बच्चों व परिवार को भी ध्यान दे पाए इस कार्य के बदले इस कर्मचारी को सैलरी के नाम पर ऊंट के मुंह में जीरा वाला कार्य किया जाता है मात्र ₹15000 की शुरुआती सैलरी है 5% एनुअल इंक्रीमेंट है जो की बहुत ही काम है एक वार्ड बॉय की सैलरी एक सफाई कर्मी की सैलरी 40 से ₹60000 के बीच में है जबकि ब्लॉक स्तर पर एक अधिकारी के तौर पर कार्य करता है और इसकी सैलरी ₹15000 होती है और आज उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में जो चार-पांच साल पुराने हैं उनके 20 से 22000 रुपए के बीच में है राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 90% कार्यों का वहन ब्लॉक पर ब्लॉक कम्युनिटी प्रक्रिया मैनेजर के द्वारा ही किया जाता है अतः आपसे मैं निवेदन करता हूं कि आप अपने भारत जोड़ो नया यात्रा में इस मुदे को अवश्य शामिल करें और इनके लिए कुछ ना कुछ आप अपने यात्रा में भरोसा दे की आपकी सरकार बनते ही इन ब्लॉक कमेटी प्रक्रिया मैनेजर का कायाकल्प किया जाएगा इनका एक सम्मानजनक सैलरी वह नौकरी की गारंटी आए दिन दिन प्रतिदिन धमकी दिया जाता है कि तुमको निकाल दिया जाएगा तुम्हारी संविदा समाप्त कर दिया जाएगा यदि आप मिलने का हमें समय दें और आपसे निवेदन है कि आप हमें अवश्य समय देंगे और विश्वास है कि आप हमें समय अवश्य देंगे कि सभी बातों को आपके सामने रख सकूं और आप इन सभी युवाओं के न्याय दिला सके

  2. Raju Gupta

    आदरणीय परम आदरणीय श्री राहुल गांधी जी सांसद लोकसभा भारत सरकार सर आपका ध्यान हम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारी व इन कर्मचारियों के बीच कार्यरत ब्लॉक कमेटी प्रक्रिया मैनेजर की समस्या से अवगत कराना चाहते हैं कि आप हम सबको न्याय अवश्य दिलाए देश में सिर्फ एक आखरी उम्मीद बची है तो वह आप हैं जो देश की हर गरीब मजदूर पीड़ित शोषित वर्ग के लिए संघर्ष कर रहे हैं आज देश का हरिद्वार आपको सर्वोच्च नेता के तौर पर अपने मार्गदर्शन के तौर पर अपने बड़े भाई के तौर पर एक उम्मीद लगाकर आपसे बैठा है कि न्याय मिलेगा आपको विस्तार पूर्वक ब्लॉक कमेटी प्रक्रिया मैनेजर के बारे में बता रहा हूं और आपसे मेरा हाथ जोड़कर निवेदन है कि आप हमें भारत जोड़ो ने यात्रा में मिलकर आपसे बात करने का मौका अवश्य मिलेगा आप हमें अवश्य बुलाएंगे या मुझे पूरा भरोसा है

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत मैं एक संविदा कर्मचारी हूं और सन 2015 में हम लोगों को राज्य स्तर से 12000 के मासिक वेतनमान पर नियुक्त किया गया था। उस समय आशा को मिलने वाला मासिक प्रतिपूर्ति धनराशि औसतन 1700 रुपए थी और आशाओं की पर्यवेक्षक अर्थात संगिनी को ₹3000 मासिक प्रतिपूर्ति धनराशि औसतन प्रदान की जाती थी । वर्तमान में क्योंकि हम लोग ब्लॉक कम्युनिटी प्रक्रिया मैनेजर है, और आशा तथा संगिनी के जितने भी कार्य होते हैं वे सब ब्लॉक लेवल पर हम लोगों की जिम्मेदारी होती है और हम लगातार उन कार्यों की पर्यवेक्षक निरीक्षण मूल्यांकन प्रशिक्षण उन्मुखीकरण आदि कार्य करने होते हैं, इसके अतिरिक्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से चलाई जाने वाले समस्त कार्यों की स्वीकारता समुदाय में कराए जाने भी शामिल है और आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर समस्त समुदाय वासी हेल्थ एंड वैलनेस से संबंधित सेवाओं का सत् प्रतिशत उपभोग कर सकें इसके लिए भी प्रार्थी जन सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग प्रदान करते हैं और अन्य विभागों का भी सहयोग लेते हुए स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रचार प्रसार सुनिश्चित करते हैं और आशा और संगिनी को समय से उनका भुगतान उनके खातों में चल जाए इसके लिए भी हम लोग पूर्ण शिद्दत के साथ कार्य करते हैं। वर्तमान समय में आशाओं को औसतन 6100 मासिक प्रतिपूर्ति धनराशि तथा संगनी को 10600 की औसत प्रतिपूर्ति धनराशि प्रदान की जा रही है जो की सन 2015 के सापेक्ष तीन से चार गुनी अधिक है लेकिन प्रार्थी जनों का मासिक भुगतान 12000 से बढ़ाकर मात्र 15000 किया है जबकि यह किसी भी स्तर से संतोषजनक नहीं है। शासन स्तर से चलाई जाने वाली समस्त योजनाओं में ब्लॉक प्रक्रिया प्रबंधक को हर कार्यक्रम में शामिल किया जाता है तथा प्रार्थी गणों की कार्य शैली स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एआरओ के समक्ष है जबकि उनके वेतनमान के सापेक्ष हम लोगों का 4 से 5 गुना कम है राज्य स्तर पर कई बार वार्ता की गई है, लेकिन उनके द्वारा यह अवगत कराया गया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहा है हमारे द्वारा केंद्र सरकार को प्रपोजल भेजे जाते हैं भुगतान बढ़ाना न बढ़ाना केंद्र सरकार के अधीन है। महोदय से विनम्र निवेदन है कि इस महंगाई के समय में और जिम्मेदारियां को वहन करने में यह मासिक वेतनमान काफी कम है कृपया इस ओर विशेष ध्यान देते हुए एनएचएम कर्मी का मासिक भुगतान बढ़ाने की कृपा करें जिससे शासन स्तर से चलाई जाने वाली योजनाओं को पूर्ण निष्ठा और कर्तव्य परायणता के साथ निभाते हुए सम्मानित महसूस करें। एनएचएम कर्मी को भी आशा और संगिनी के समान ही प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना का लाभ भी मिल सके। यह भी अल्प वेतन वालों के लिए आवश्यक है।

    आपका
    राजू गुप्ता
    ब्लॉक सरसावा
    सहारनपुर उत्तर प्रदेश
    8528331980
    धन्यवाद

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