राहुल: ये न्याय की लड़ाई है, मोहब्बत की दुकान खोलनी है

भारत जोड़ो न्याय यात्रा का आज 43वां दिन था। यात्रा अपने तय कार्यक्रम के अनुसार अलीगढ़ से निकली। आज भी यात्रा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही थी। भाई-बहन की इस जोड़ी के साथ होने से कांग्रेस समर्थकों और जनता का उत्साह दोगुना हो गया था। अलीगढ़ के जमालपुर से यात्रा शुरू हुई और AMU गेट चुंगी चौराहा की तरफ बढ़ चली। न्याय यात्रा के काफिले के साथ- साथ हजारों लोगों की भीड़ चल रही थी। लोगों के उत्साह को देखकर ये अंदाजा लगाना मुश्किल था कि कौन कांग्रेस का कार्यकर्ता था, कौन समर्थक, कौन राहुल और प्रियंका की एक झलक के लिए आया था। हर कोई उत्साहित था। अलीगढ़ के शमशाद बाजार चौक पर राहुल और प्रियंका ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। एक बार फिर से केंद्र और राज्य की बीजेपी की सरकार को आड़े हाथों लेते हुए भाई-बहन की इस जोड़ी ने उनपर करारा प्रहार किया। एक बार फिर से आज संबोधन की शुरूआत प्रियंका गांधी ने की।

प्रियंका गांधी ने एक बार फिर से दो साल पहले के अपने अलीगढ़ यात्रा की याद लोगों को दिलाते हुए कहा- ‘दो साल पहले आई थी मैं, याद है आपको? यहां बहुत हुजूम था उस दिन, रात का समय था, आप सब आए थे मुझसे मिलने के लिए। उसके बाद यहां पर प्रदेश की भाजपा की सरकार बनी। पहले से चल रही थी, पांच सालों से। दस साल से केंद्र में भाजपा की सरकार चल रही है। अब आप जब सरकार को देखते हैं कि दस सालों से चल रही है और मीडिया के मेरे भाई-बहन जो दिखाते हैं तो आप देखते हैं कि कितने बड़े-बड़े इवेंट हो रहे हैं, जी-20 हुआ। सबने कहा- देश का मान-सम्मान बढ़ रहा है इससे और तरह-तरह के इवेंट होते रहते हैं। ठीक है, हम भी देशवासी हैं, हम भी खुश होते हैं जब भी ऐसा कुछ होता है। लेकिन मैं पूछना चाहती हूं - क्या देश का मान-सम्मान यहां खड़े जो नौजवान बच्चे हैं, जो हमारे पुलिसवाले यहां तैनात हैं, जो स्टूडेंट्स हैं, इनसे नहीं जुड़ा है? क्या देश का मान-सम्मान आपकी महत्वाकांक्षाओं से, आपकी उम्मीदों से नहीं जुड़ा है? क्या आपको रोज़गार नहीं मिलना चाहिए?’

प्रियंका इतने पर ही नहीं रूकीं। उन्होंने आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतों और हर रोज बढ़ती महंगाई पर वार करते हुए कहा- ‘जो ग़रीब तबका है, जो आम जनता है, उसका क्या फायदा हो रहा है। नौजवानों के लिए रोज़गार नहीं है, किसान तब भी सड़क पर बैठा था, आज भी सड़क पर बैठा है। गन्ने का जो ख़रीद का दाम है, वो पिछले आठ सालों में 55 रुपए बढ़ा है। बस, 55 रुपए! आप जब दुकान जाते हो सब्जी ख़रीदने, फल ख़रीदने,दाम कितने महंगे हो गए हैं, चाहे सरसों का तेल हो, चाहे गैस हो, चाहे सब्जी, टमाटर, आलू, कुछ भी हो, लेकिन जब आपकी बारी आती है तो आपका फायदा नहीं होता। चुनाव आने लगता है तो आपके लिए कह देते हैं - लो एक बोरा राशन ले लो। पर जब तक आप गहराई में ये बात समझेंगे नहीं कि सरकार का कर्तव्य आपके लिए काम करने का है, आपको रोज़गार दिलवाने का, आपको मज़बूत बनाने का, आपको शिक्षा के मौके दिलवाने का, तब तक बदलाव नहीं आने वाला है।’

प्रियंका के बाद राहुल गांधी ने माइक थामा। अपने चिर-परिचित अंदाज में उन्होंने भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उनकी अनीतियों के खिलाफ जमकर बोले। राहुल ने कहा- ‘मैं यूपी की बात करता हूं, मैं आंकड़े निकालता हूं। यूपी के बजट को 62 आईएएस अफसर कंट्रोल करते हैं, ठीक है 62। अब मैं आपसे पूछता हूं इन अफसरों में से किसकी कितनी भागीदारी है? ओबीसी की भागीदारी यूपी के बजट में चार परसेंट, दलितों की छह परसेंट। मतलब आपकी कहीं भी भागीदारी नहीं है। अगर आप समझना चाहते हो कि 90 परसेंट लोग कहां काम करते हैं, दलित, आदिवासी, पिछड़े, माइनॉरिटी के लोग कहां काम करते हैं मैं आपको बताता हूं, इस देश में आपकी जगह मैं आपको बताता हूं। आप मनरेगा की लिस्‍ट निकालो, उसमें आपको सब पिछड़े दिख जाएंगे, सब दलित दिख जाएंगे, सब आदिवासी दिख जाएंगे, सब माइनॉरिटी दिख जाएंगे। आप सफाई कर्मचारियों की लिस्‍ट निकालो, आप कॉन्‍ट्रैक्‍ट लेबर की लिस्‍ट निकालो, उसको देखो उसमें आपको मिलेंगे, दलित मिलेंगे, आदिवासी मिलेंगे, माइनॉरिटी मिलेंगे, पिछड़े मिलेंगे, ये सच्‍चाई है हिंदुस्‍तान की। जेलों की लिस्‍ट निकालो, जेलों की लिस्‍ट में आपको पिछड़े मिलेंगे, दलित मिलेंगे, आदिवासी मिलेंगे, गरीब मिलेगा, एक अमीर व्‍यक्ति आपको हिंदुस्‍तान की जेल में नहीं मिलेगा।’

राहुल भी यहीं तक नहीं रूके। उन्होंने पेपर लीक मामले में भाजपा सरकार पर हमला करते हुए आगे कहा- ‘एग्‍जाम की बात आप जानते हो, ये नया धंधा चला है। आपसे एग्‍जाम कराते हैं, आप पढ़ाई करते हो, आप अपना पैसा निकालकर प्राईवेट कॉलेज, यूनिवर्सिटी में, ट्यूशन सेंटर में डालते हो, उसके बाद सुबह उठते हो, एग्‍जाम देने जाते हो, वहां पर आपको किसी और का मोबाइल फोन दिखता है, उस पर पूरा का पूरा क्‍वेश्‍चन पेपर दिखाई दे जाता है। इसका लक्ष्‍य क्‍या है- कि ये जो रोजगार मांग रहे हैं, सरकारी जॉब्‍स मांग रहे हैं, इनका टाईम बर्बाद करो, इनका बेवकूफ बनाओ, भाईयो और बहनों, ये काम सरकार ही करा रही है, पेपर लीक का काम यही लोग करा रहे हैं, जो आपको रोजगार नहीं देना चाहते हैं, ये सच्चाई है और रोजगार पैदा हो ही नहीं सकता, क्यों, क्योंकि अडानी जी को पूरा का पूरा दे दिया और ये जो छोटे व्यापारी हैं, जो छोटे बिजनेस चलाते हैं, हैंडीक्राफ्ट के लोग हैं, पीतल (brass) के व्‍यापार वाले लोग हैं, ये जो लोग हैं, इनको बर्बाद कर दिया जीएसटी ने, नोटबंदी ने इनको खत्म कर दिया।’

भाई-बहन के इस धमाकेदार भाषण के बाद यात्रा आगे निकल पड़ी। आज के अलीगढ़ यात्रा की एक खास बात ये थी कि हाल ही में INDIA गठबंधन का साथ छोड़ NDA में शामिल हुई RLD की मूल पार्टी लोक दल के सदस्यों ने न्याय यात्रा और राहुल गांधी के स्वागत में सड़कों को बैनरों और कटआउट से पाट दिया था। इसके बारे में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अपने ट्विटरपर पोस्ट किया। इससे ये बात तो साफ साबित होती है कि सत्ता के लोभ में लोग भले ही अपनी मूल विचारधारा से मुंह मोड़ लें, लेकिन अभी भी लाखों लोग हैं जो सच्चाई और देश के लिए खड़े हैं। लंच ब्रेक के लिए यात्रा सैदाबाद में रूकी। और लंच ब्रेक के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव यात्रा के साथ जुड़े। अखिलेश के जुड़ने से यात्रा में उपस्थित जनता में नई ऊर्जा का संचार हुआ। राहुल, प्रियंका और अखिलेश की इस तिकड़ी ने भाजपा के होश उड़ा दिए। पहले से ही न्याय यात्रा की वजह से नरेंद्र मोदी के रातों की नींद उड़ी हुई थी, अब वो और भी ज्यादा असुरक्षित महसूस करने लगे हैं।

आगरा पहुंचने पर भी यात्रा को भरपूर जनसमर्थन मिला। लाखों लोगों के जनसैलाब ने तीकड़ी का स्वागत किया। यहां पर एक समारोह में प्रियंका गांधी ने जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव का स्वागत किया। सपा प्रमुख ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। अखिलेश यादव ने यात्रा के स्वागत में कहा- ‘ये आगरा शहर दुनिया में जाना जाता है। मुझे खुशी है इस बात कि ये मोहब्बत की दुकान को लेकर के जो चले हैं, इस शहर में बाजार ही नहीं, पूरा शहर मोहब्बत का शहर है। जितनी मोहब्बत भर सकते हैं, भरकर के ले जाइए और पूरी यात्रा में बांटते चले जाइए। आने वाले समय में जो चुनौती है, वो लोकतंत्र बचाने की चुनौती है, संविधान बचाने की चुनौती है। बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर जी ने जो सपना देखा था, गरीब, पिछड़े, जिनको हक और सम्मान मिलना चाहिए, इतने वर्षों बाद भी सम्मान नहीं है और जो कुछ मिल भी रहा था, वो भारतीय जनता पार्टी ने लूटने का काम किया है।’

अखिलेश यादव ने भी जमकर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा- ‘हमें उम्‍मीद है कि आने वाले समय में दिल्‍ली में भाजपा हारेगी, इंडिया गठबंधन की सरकार बनकर किसानों को सम्‍मान दिलाने के लिए उतरेगी, ना केवल सम्मान बल्कि उनकी जो मांगें हैं एमएसपी को लेकर, वो सब पूरी करेगी। ये नारा हम सब लगाते हैं- जय जवान, जय किसान और बीजेपी के लोग थकते नहीं भारत माता की जय बोल-बोलकर। सोचो जिस देश का किसान दुखी हो, नौजवान के सपने तोड़े जा रहे हो, नौजवान का भविष्य न हो, उनके हाथ में नौकरी और रोजगार न हो, नौकरी और रोजगार और डिग्री को लेकर के चिंतित हो। खबरें ये भी आ रही हैं कि नौजवान अपनी डिग्री जलाकर आत्महत्या कर रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में और जब उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा भर्ती होनी चाहिए थी, लेकिन नौकरियां नहीं मिलीं, रोजगार नहीं मिला। कोई भर्ती ऐसी सरकार की नहीं, जिसमें पेपर लीक न होता हो। ये कमाल की सरकार है, इसमें लीक होते हैं पेपर और ये लीक जान-बूझकर ये सरकार करती है। वो इसलिए करती है, क्‍योंकि वो नौकरी और रोजगार नहीं देना चाहती, उसकी नीयत में नौकरी देना नहीं है। ये कुछ लोगों को काम, कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने का सरकार काम कर रही है।’

अखिलेश यादव के बाद राहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने देश की प्रगति में गरीब, पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों की भागीदारी के शून्य होने की बात को फिर से दोहराते हुए कहा- ‘हिंदुस्तान के बजट को 90 लोग बांटते हैं, सबसे बड़े आईएएस ऑफिसर। मैंने इनकी लिस्ट निकाली, 90 में से 3 पिछड़े वर्ग के हैं, तीन दलित वर्ग के हैं, एक आदिवासी वर्ग का है और अगर 100 रुपए बजट में खर्च होता है, तो आप सब लोग मिलाकर छह-सात प्रतिशत बजट की भागीदारी रखते हो। तो सच्चाई है कि हिंदुस्तान में लंबे-लंबे भाषण चलते हैं, मगर जो गरीब लोग हैं, पिछड़े लोग हैं, दलित हैं, माइनॉरिटी के लोग हैं, आदिवासी लोग हैं, उनकी इस देश में भागीदारी है ही नहीं और यही इंडिया गठबंधन का लक्ष्य है। हम सामाजिक न्याय के लिए लड़ रहे हैं, आर्थिक न्याय के लिए लड़ रहे हैं, किसानों के लिए लड़ रहे हैं।’

दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसानों के आंदोलन के बारे में श्री गांधी ने कहा- ‘किसानों को सिर्फ एक चीज चाहिए। उन्होंने कहा है कि हमें एमएसपी पर लीगल गारंटी दे दीजिए। सरकार कहती है कि हम आपको एसएसपी पर लीगल गारंटी नहीं देंगे, लीगल एमएसपी आपको नहीं मिलेगी। इंडिया गठबंधन ने, कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि जैसे ही हमारी सरकार आएगी, हिंदुस्तान के किसानों को हम लीगल एमएसपी दिलवा देंगे, एक मिनट नहीं लगेगा। तो ये न्याय की लड़ाई है, मोहब्बत की दुकान खोलनी है।’

इसके बाद आगरा से धौलपुर की तरफ यात्रा शुरू हुई। आगरा से यात्रा की शुरूआत राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके की। इसके बाद रोड शो की शुरूआत जिसमें हजारों का जनसैलाब साथ चला।

धौलपुर में ध्वज हस्तांतरण समारोह का आयोजन किया गया था। यहां पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद थे। प्रियंका गांधी ने राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष को ध्वज हस्तांतरित कर यूपी से न्याय यात्रा की विदाई का ऐलान कर दिया। राजस्थान न्याय यात्रा का 12वां राज्य है। यहां पर ही यात्रा के रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद अब यात्रा में कुछ दिनों का विश्राम होगा और फिर 2 मार्च को मध्यप्रदेश से वापस शुरू होगी।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

शेयर करें

एक टिप्पणी छोड़ें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *