राहुल गांधी: देश के दो जरूरी मुद्दे, गरीबी और बेरोजगारी

भारत जोड़ो न्याय यात्रा का आज 35वां दिन था और उत्तर प्रदेश में पहला पूरा दिन। आज की यात्रा कुछ खास थी। यात्रा आज महादेव की नगरी काशी में थी। यात्रा की शुरूआत राहुल गांधी के रोड शो से हुई। गदौलिया चौराहा पर सबसे पहले श्री गांधी ने हजारों की संख्या में उमड़े जनसैलाब को संबोधित किया। श्री गांधी ने अपना संबोधन छोटा ही रखा लेकिन उसमें धार वही थी जिसकी वजह से बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नींद हराम हो रही है।

उन्होंने जनता से कहा- ‘ये देश मोहब्बत का है, नफरत का नहीं। और ये देश तभी मजबूत होता है सब सभी लोग मिलकर काम करते हैं। कोई भी परिवार तभी मजबूत होता है, जब वो एक साथ होता है। ठीक उसी प्रकार देश भी तभी मजबूत होता है जब एक साथ हो। देश को एकसाथ करना, एकजुट करना ही सच्ची देशभक्ति है। मैं यहां आया मंदिर में मत्था टेका, गंगा जी को प्रणाम करने आया हूं। गंगा जी के सामने मैं अहंकार से नहीं आया हूं, मैं सिर झुकाकर गंगा जी के सामने आया हूं। वैसे ही यात्रा में मैं सिर झुकाकर आया हूं।’

इसके साथ ही उन्होंने वहां मौजूद लोगों से सवाल किया कि देश के दो मुख्य मुद्दे कौन से हैं? युवाओं के बीच से ही आवाज आई- बेरोजगारी और गरीबी।

इसके बाद न्याय यात्रा का काफिला आगे चल पड़ा। कांग्रेस नेता ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की और देश के सुख समृद्धि की कामना की। बीजेपी की रंजिश भरी राजनीति यहां भी खत्म नहीं हुई। भारत जोड़ो यात्रा की सफलता से बीजेपी इतनी घबराई हुई है कि इस बार के भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान हर तरह से परेशानी खड़ी करने की कोशिश में लगी हुई है। कभी पार्टी के नेताओं को तोड़ रही है तो कहीं पर यात्रा को परमिशन नहीं दिया जा रहा है। आज काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के दौरान भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला। कांग्रेस नेता राहुल गांधी जब बाबा के दर्शन करने मंदिर में गए तो उनके साथ गए फोटोग्राफरों को प्रवेश करने से मना कर दिया गया। जबकि कल तक राहुल गांधी के साथ फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर के मंदिर में जाने की अनुमति थी।

मंदिर में दर्शन के बाद राहुल गांधी और भारत जोड़ो न्याय यात्रा का काफिला राजघाट भी गया। यहां पर आचार्य विनोबा भावे ने साल 1955 में वाराणसी में गांधीवादी संस्था 'सर्व सेवा संघ' की स्थापना की थी। इस संस्था से हमारे देश के कई महान नेता, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लाल बहादुर शास्त्री, बाबू जगजीवन राम, जय प्रकाश नारायण और सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी जैसे लोग जुड़े हुए थे। पिछले साल इस बिल्डिंग पर बुलडोजर चला दिया गया। इसके पीछे कारण दिया कि उनके पास कागजात नहीं थे।

इसके बारे में कांग्रेस महासचिव श्री जयराम रमेश ने अपने एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर तो पोस्ट किया ही साथ ही संवाददाताओं को संबोधित कर भी इस बात की जानकारी दी। दोपहर को न्याय यात्रा का काफिला कुरौना में रूका। यहां पर जयराम रमेश ने विस्तार से संवाददाताओं से बातचीत की। उन्होंने बताया- ‘'सर्व सेवा संघ' देश में गांधीवादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार का काम करती थी। ज्यादातर ये प्रकाशन का काम करती थी। इस संस्था को साल 1955 में 13 एकड़ की जमीन भूदान में दी गई थी, लेकिन बीते साल इस संस्था पर बुल्डोजर चला दिया गया। इसी जगह पर एक संस्थान बाकी है। गांधी सेवा केंद्र, इस इमारत को छुआ भी नहीं गया है, क्योंकि उस पर RSS के स्वघोषित बुद्धिजीवी कब्जा करके बैठे हुए हैं। लेकिन 70 साल से प्रकाशन में बहुमूल्य योगदान देने वाली सर्व सेवा संघ की बिल्डिंग को गिरा दिया गया है।’

लंच ब्रेक के बाद यात्रा को वाराणसी के जंसा चौराहा से भदोही की ओर प्रस्थान करना था। लेकिन एक आपात स्थिति की वजह से राहुल गांधी को तत्काल वायनाड के लिए निकलना पड़ा। श्री गांधी केरल के वायनाड से सांसद हैं इसलिए वहां के लोगों के प्रति अपनी कर्तव्य का निर्वहन करना ज्यादा जरूरी है। राहुल गांधी कल यानि 18 फरवरी को दोपहर तीन बजे प्रयागराज में वापस यात्रा से जुड़ेंगे।;

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

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