राहुल गांधी: आदिवासियों को जंगल से भगाना चाहती है मोदी सरकार

आज भारत जोड़ो न्याय यात्रा का 53वां दिन आधे दिन के ब्रेक के बाद शुरू हुआ। मध्यप्रदेश में आज यात्रा का आखिरी दिन था। आज के यात्रा की शुरूआत बदनावर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेता राहुल गांधी द्वारा एक सार्वजनिक रैली के संबोधन से हुई। हजारों की भीड़ घंटों से कांग्रेस नेताओं का इंतजार कर रही थी। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के समारोह स्थल पर आते ही लोगों का हुजूम कांग्रेस पार्टी ज़िंदाबाद, राहुल गांधी ज़िंदाबाद, मल्लिकार्जुन खरगे ज़िंदाबाद, सोनिया गांधी ज़िंदाबाद के नारे लगाने लगा। पूरा माहौल कांग्रेसमय हो गया।

कांग्रेस नेताओं के मंच पर स्वागत के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने सभा को संबोधित किया। अपने चिर-परिचित अंदाज में उन्होंने बीजेपी पर हमला करना शुरू किया। सबसे पहले उन्होंने मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में कर्नाटक में बीजेपी के प्रभारी शिवराज सिंह चौहान पर करारा हमला करते हुए कहा- ‘मध्यप्रदेश में आज हर तरफ गड़बड़ी है। इससे पहले भी गड़बड़ी करते ही रहे थे। मुझे एक आश्चर्य हुआ जो भी मेरे गुलबर्गा एरिया में आता है कुछ न कुछ हमारे बारे में अपशब्द बोलकर चला जाता है। पंद्रह दिन पहले शिवराज चौहान जी गुलबर्ग आए थे, उन्होंने कहा कि- राहुल जी और खरगे जी मिलकर कांग्रेस को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं। मैं एयरपोर्ट पर उतरा तो लोगों ने मुझसे पूछा तो मैंने एक ही बात कही कि कोई अगर बीजेपी वाले यहां हैं और मीडिया के लोग फिर से अगर उनसे मिलते हैं तो पूछे कि शिवराज चौहान को क्यों निकाला गया? इसके पीछे का कारण क्या है? पहले अपना बोलिए न। क्या तुम्हें बीजेपी खत्म हो रही है इसलिए निकाला गया। या तुम्हें अपने नजदीक नहीं आने दिए मोदी इसका उत्तर पहले दो फिर हम अपना उत्तर देंगे। शिवराज चौहान ये भूल गए हैं कि उनके राज में व्यापम जैसा बड़ा घोटाला हुआ। हमने ये सवाल संसद में उठाया, हमलोग बार बार कहते रहे लेकिन शिवराज सिंह उस वक्त कुछ नहीं कहे। अब हमारे बारे में वो कह रहे हैं। एक तरफ मोदी और एक तरफ शिवराज जिनको कर्नाटक में इंचार्ज बनाए हैं, वो अब उधर घूम रहे हैं।’

जल, जंगल और जमीन पर सबसे पहला हक़ आदिवासियों का है। इस बात का पुरजोर समर्थन करते हुए श्री खरगे ने कहा- ‘मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि ये जल, जंगल और जमीन, ये जो लोग कब्जा कर रहे हैं, उसको आपको रोकना चाहिए। इसे रोकने के लिए आपकी एकता की जरूरत है। कहना चाहिए कि ये जल, जंगल और जमीन हमारी प्रॉपर्टी है, आपकी और मोदी जी की नहीं है और इसे हम बेचने नहीं देंगे। आने वाले संसदीय चुनाव में आपको ये भी कहना है कि मध्यप्रदेश में 3 लाख से अधिक वनाधिकार पट्टे खारिज किए। ये गरीबों के लिए काम करने वाले हैं? जो हमारे पट्टे खारिज करने वाले हैं? जो लोग जंगल लूटते हैं, जो लोग जमीन लूटते हैं ऐसे लोग क्या गरीबों के वफादार होंगे या गरीबों के लिए काम कर सकते हैं?’

मध्यप्रदेश में आदिवासी युवक के ऊपर एक बीजेपी नेता के द्वारा पेशाब करने की घटना की निंदा करते हुए श्री खरगे ने स्थानीय सरकार पर हमला बोला- ‘बीजेपी सरकार हमेशा गरीबों के बारे में आजकल ज्यादा बात कर रही है। मैं पूछता हूं मोदी जी को, जब यहां आते हैं तो आप भी पूछिए- जब शिवराज की सरकार थी तब एक आदिवासी बच्चे के मुंह में पिशाब किया गया। उसको आपने शिक्षा दी? इनके जमाने में एक आदिवासी बच्चे के मुंह में पिशाब किया गया, बाद में उसको घर में लाकर उसका पैर धो रहे हैं, उसकी पूजा कर रहे हैं, उसे आप खाना खिला रहे हैं। पहले उसको खाना दो, जो ये अछूतपन है पहले उसको खत्म करो, जो गरीब है उसको कुचलना छोड़ दो। बाद में पैर धो। पैर धोने से कोई खुश होता है? उसका जितना अपमान करना था, आपने अपमान किया, उसको मनुष्य नहीं समझा। ये है शिवराज। हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और होते हैं। यही शिवराज चौहान हैं।’

मोदी सरकार द्वारा हर काम को इवेंट बना देने के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- ‘सरकार गरीबों के लिए लड़ने वाली होनी चाहिए। दिखावा करने वाली नहीं। अमित शाह और मोदी जी, उनके लोग तो पहले पीरियड में तो गरीबों, दलितों के घर में जाकर खाना खा रहे हैं ऐसा बताते थे। अगर उनके घर में खाना खा लिया तो ये बड़ी बात हो गई? वो इंसान नहीं है? ऐसी आपकी मानसिकता है, उनके घर में जाकर खाना खा लिया तो अछूतपन निकल गया ऐसा सोचते हैं वो। मैं ये कहूंगा जबतक इस देश में ये वर्णाश्रम रहेगा, ये चार वर्ण रहेंगे, तब तक दलित, आदिवासियों का उद्धार नहीं होगा। राहुल जी इस बात को बार बार उठा रहे हैं, मैं भी कहूंगा, जनगणना होना चाहिए। आज केंद्र सरकार क्यों डर रही है? क्यों वो जनगणना नहीं करना चाहती? क्योंकि उनका पोल खुल जाएगा। इसलिए वो जनगणना नहीं करना चाहती। राहुल जी ने ये घोषणा किया है कि अगर हम सरकार में आए तो सबसे पहला काम जनगणना कराने का करेंगे।’

श्री खरगे यहीं नहीं रूके। उन्होंने प्रधानमंत्री के झूठ को जनता के सामने रखते हुए कहा- ‘मोदी है तो मुमकिन है ये स्लोगन बहुत चलता है, तो मैं ये कहूंगा, मोदी के जमाने में 45 सालों सबसे ज्यादा बेरोजगारी अभी है। बढ़ती महंगाई सबसे ज्यादा कब हुई तो मोदी जी के जमाने में हुई। अमीर और गरीबों के बीच की खाई मोदी जी कम नहीं कर पाए क्योंकि वो कम करना नहीं चाहते। वो चाहते हैं कि अमीर-अमीर हो जाए, गरीब-गरीब हो जाए।’

‘मोदी जी हमेशा अपनी ही बात करते हैं। हमेशा मोदी की गारंटी। आप देश की पीएम हो, आप कहो अपनी पार्टी की गारंटी, लेकिन सब छोड़कर मोदी की गारंटी। दो करोड़ नौकरी देने का वायदा किया था क्या वो गारंटी पूरी हो गई? पीएम झूठ बोलते हैं। आपके जेब में पंद्रह लाख आए? किसानों की आमदनी दोगुनी हो गई? MSP का दाम बढ़ाया? इसलिए मैं बार बार ये कहता हूं कि मोदी झूठों के सरदार हैं। आज लोगों के पास पीने के लिए पानी नहीं है, मणिपुर में लोग मर रहे हैं, उधर ध्यान नहीं है। वो सिर्फ चुनाव पर ध्यान देते हैं। वो विकास चाहते नहीं है, गरीबों की भलाई नहीं चाहते, हमारे बच्चे पढ़ें ये नहीं चाहते। क्योंकि अगर वो पढ़ लिख गए तो उनको वोट नहीं मिलेगा, इसलिए वो नहीं चाहते कि लोग पढ़ें और आगे बढ़ें।’

श्री खरगे ने हमेशा की भांति अपने भाषण को एक शेर पढ़कर खत्म किया। उन्होंने कहा- मोदी ने वायदे किए थे, तो मैं आपके सामने उनका एक वायदा पढ़कर सुनाना चाहता हूं:

वादा किया था उजालों का क्या हुआ,

जन्नत के उन हसीन हवालों का क्या हुआ,

शाहों के सैर के लिए रास्ते तो बनाए गए,

लेकिन हमारे पांव के छालों का क्या हुआ।

कांग्रेस अध्यक्ष के भाषण के बाद कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी ने जनता को संबोधित किया। उन्होने भी अपना भाषण मध्यप्रदेश में आदिवासी युवक के साथ हुए अत्याचार से शुरू किया। राहुल गांधी ने कहा- ‘कुछ समय पहले किसी ने मुझे मोबाइल फोन पर एक वीडियो भेजा। उस वीडियो में बीजेपी का एक नेता आदिवासी युवा के ऊपर पेशाब कर रहा था। मैंने सोचा ये कैसी सोच है कि बीजेपी का एक नेता आदिवासी युवा पर पेशाब कर रहा है और उसका कोई चमचा उसका वीडियो ले रहा है। वो वीडियो पूरे देश में वायरल हुआ। शायद विदेश में भी वायरल हो गया होगा। ये बीजेपी की विचारधारा है। सिर्फ आदिवासियों के साथ ही नहीं, दलितों, गरीब पिछड़ों के साथ सभी के साथ यही है। जहां भी इनका अपमान कर सकते हैं ये करते हैं।’

आदिवासी और वनवासी के भेद के बारे में राहुल गांधी ने लोगों को बताया। बीजेपी की सरकार कैसे दो शब्दों में हेरफेर करके आदिवासियों को उनकी ही जमीन से दखल कर देना चाहती है इस पर बात की। उन्होंने कहा- ‘कुछ समय पहले इनके भाषण में मैंने सुना आदिवासियों को इन्होंने वनवासी कहना शुरू कर दिया। आदिवासी और वनवासी में ये फर्क है कि आदिवासी मतलब वो व्यक्ति जो इस जमीन का सबसे पहला मालिक था। आप देश के पहले मालिक हो। ये आपको आदिवासी नहीं कहना चाहते क्योंकि अगर ये आपको आदिवासी कहेंगे तो इन्हें आपको जंगल, जमीन और जल का हक़ देना पड़ेगा। वनवासी मतलब जो जंगल में रहते हैं। आदिवासी मतलब जो हिंदुस्तान के पहले मालिक हैं, वनवासी मतलब जो जंगली लोग जो जंगल में रहते हैं। इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता, आप जंगली नहीं हो, आप हिंदुस्तान के असली मालिक हो। इस बात को मानकर कांग्रेस पार्टी ने ट्राइबल बिल, जमीन अधिग्रहण बिल, पेसा कानून, आपकी जमीन आपको वापस दी, जंगल में हक़ दिया, क्योंकि हम आपको आदिवासी मानते हैं। उनका कहना है कि आप वनवासी हो आप जंगल में रहो, न हम आपको जंगल का हक देंगे, न जल देंगे, न जमीन देंगे। और आहिस्ते आहिस्ते आपसे जंगल भी छिनते भी जाएंगे। और फिर एक दिन आएगा जब हिंदुस्तान में आपको जंगल नहीं दिखेगा, फिर वो आपसे कहेंगे आप वनवासी हो लेकिन वन तो है ही नहीं, तो जाओ मजदूरी करो, भीख मांगो, भूखे मरो। ये इन दो शब्दों के बीच में फर्क है।’

श्री गांधी ने हिंदुस्तान में गरीबों और अमीरों के भेदभाव के बारे में बात की। बीजेपी सरकार की नीतियों पर हमला करते हुए जातिगत जनगणना की बात कही। उन्होंने कहा- ‘हिंदुस्तान में आपकी आबादी करीब 8 प्रतिशत है और मध्यप्रदेश में 24 प्रतिशत है। हिंदुस्तान की 200 बड़ी कंपनियों के मालिकों में एक मालिक आदिवासी नहीं मिलेगा, फिर मीडिया के मालिकों और बड़े बड़े एंकर की लिस्ट निकालिए, उसमें एक भी आदिवासी आपको नहीं मिलेगा। हिंदुस्तान की सरकार को 90 लोग चलाते हैं, पूरा बजट ये 90 लोग ही तय करते हैं। इस 90 में से सिर्फ एक अफसर आदिवासी है। अगर हिंदुस्तान की सरकार 100 रूपए खर्च करती हो तो सिर्फ 10 पैसे का निर्णय आदिवासी अफसर लेते हैं। एक दो प्रतिशत लोगों ने पूरी हिंदुस्तान पर कब्जा कर लिया है। अदानी जी यहां आपकी जमीन छिनते हैं, हिमाचल में सेब के बाग चलाते हैं, मुंबई में एयरपोर्ट वो चलाते हैं, हिंदुस्ताने के सारे पोर्ट्स उनके हाथ में, माइनिंग करते हैं, फूड स्टोरेज उनके हाथ में। साार वही करते हैं और आप देखते रह जाते हो। आप स्कूल कॉलेज में जाते हो, पढ़ाई करते हो, रोजगार मिलने का जब समय आता है तो कहते हैं कि रोजगार तो है ही नहीं। आपको सर्टिफिकेट मिल गया लेकिन रोजगार नहीं मिलेगा। क्योंकि सारे छोटे बिजनेस को मोदी जी ने नोटबंदी और जीएसटी लाकर बंद कर दिया। ये बदलना है। सबसे पहला कदम जाति जनगणना है। ये काम हम सरकार में आते ही करके दे देंगे।’

किसानों के हितों की बात करते हुए कांग्रेस नेता ने एक बार फिर से उनकी मांगों पर सहमति जताते हुए उनका पक्ष लिया। उन्होंने कहा- ‘हम चाहते हैं कि इस देश में सामाजिक न्याय हो, आर्थिक न्याय हो, किसानों के साथ न्याय हो। किसानों ने सिर्फ एक चीज मांगी है- MSP। बीजेपी सरकार कहती है हम नहीं देंगे। 100 उद्योपतियों का 16 लाख करोड़ रूपया माफ कर दिया लेकिन किसानों का कर्जा माफ नहीं कर सकते। हमारी सरकार बनेगी तो पहला काम जाति जनगणना, दूसरा काम किसानों को MSP की लीगल गारंटी। ये हम करना चाहते हैं और मैं सिर्फ ये कहना चाहता हूं कि हम आपका समर्थन करते हैं। आप हमारा समर्थन करते हो, आप हमारे साथ खड़े होते हो, जो भी आप हमसे चाहते हैं वो हम करने के लिए तैयार हैं। जल, जंगल और जमीन की लड़ाई हमारी अपनी लड़ाई है। इस लड़ाई को हम मिलकर लड़ेगे और जीतेंगे।’

इस संबोधन के बाद यात्रा भारत जोड़ो न्याय यात्रा रतलाम के लिए निकल पड़ी। रतलाम में राहुल गांधी ने रोड शो किया। इस रोड शो में सैंकड़ों की संख्या में जनता न्याय यात्रा के साथ चल रही थी। सड़कें लोगों से खचाखच भरी हुई थी। हर कोई कांग्रेस नेता की झलक पाना चाहता था। उनको सुनना चाहता था। यहां पर कांग्रेस नेता ने लोगों को संबोधित किया और उन्हें कांग्रेस पार्टी के पांच न्याय के सिद्धांत- नारी न्याय, किसान न्याय, श्रमिक न्याय, युवा न्याय और भागीदारी न्याय के बारे में चर्चा की। लोगों ने न्याय यात्रा का भरपूर स्वागत किया और पूरे जोश से भाषण को सुना। संबोधन के बाद न्याय यात्रा का काफिला कैंप की तरफ निकल पड़ा।

कल सुबह यात्रा राजस्थान में प्रवेश करेगी और दोपहर तक गुजरात में प्रवेश होगा।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

शेयर करें

Comments (3)

  1. जगदीश प्रसाद मीणा

    केंद में शासित दल केवल अमीरों के लिए ही अपनी नीतियाँ चला रहा है ! उसका वनवासीयों , किसानों , आदिवासियों से कोई लेना देना नहीं है ! आज देश के हालात इतने खराब है कि नागरिको के लिए एक समय की रोटी के लिए दर-दर ठोकर खानी पड रही है ! सारी जमीने , एअरपोर्ट , रेलवे स्टेशन , खेल के मैदान , समुद्र के किनारे , सब कुछ आडानी के पास पहुँच चूका है ! केवल धर्म के नाम पर जनता का ध्यान भटकाकर दोबारा सत्ता में आने का सपना देख रहे है !
    इस देश में आज केवल पूँजीपती , अहंकारी नेता अपने आपको सबसे उपर मान रहे है ! जनता सब जान चुकी है इसका खामियाजा इनको अवश्य ही मिलने वाला है !

  2. जगदीश प्रसाद मीणा (JPM) 9413302511

    अमीरों के लिए वन्देभारत ट्रेन , सभी रेल गाड़ियों में केवल वातानुकूल डिब्बे , साधारण सेवा बंद , तीन गुना रेल किराया , महंगा भोजन , हर जगह जनता को लूटा जा रहा है ! अखबारों में , विज्ञापनों में गारंटी बहुत दी जा रही है ! लेकिन उसको जनता को 1% लाभ भी नहीं मिल रहा , पुरवर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा चलायी योजना , फ्री बिजली , भोजन , स्वाथ्य योजना का लाभ राज्य के हर एक को मिला था ! जनता इसकी साक्षी है ! केवल दिल्ली से यहाँ की सरकार चलायी जा रही है चारो और भय का वातावरण है !
    अब समय आचुका है केंद्र की झूंठी सरकार को उठाने का ! माननीय राहुल जी की न्याय यात्रा इस बदलाव की साक्ष होगी ! जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है , ये लोग 400 का सपना लेकर बैठे है , यह केवल एक सपना ही होगा हकीकत नहीं

एक टिप्पणी छोड़ें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *