राहुल गांधी: मोदी सरकार कहती है कि किसानों की कर्जा माफी से उनकी आदत खराब होती है!

भारत जोड़ो न्याय यात्रा का 50वां दिन व्यस्तता से भरा रहा। सुबह ग्वालियर से यात्रा तय समय पर शुरू हुई। सबसे पहले राहुल गांधी कुछ अग्निवीर युवकों से मिले। उनका दर्द सुना, उनकी परेशानियों को जाना। मोदी सरकार की अनैतिक योजना के प्रति पूरे देश के युवकों में रोष है। 1 लाख 50 हजार युवकों का भविष्य इस विवादित योजना की वजह से अधर में लटक गया है। राहुल जी यात्रा की शुरूआत से ही अग्निवीर योजना के प्रति अपनी नाराजगी जताते आ रहे हैं। अब तक भाजपा देश को धर्म, भाषा, क्षेत्र के स्तर पर तो बांटती ही थी, इस अग्निवीर योजना से शहीदों के दर्जे में भी विभाजन कर दिया। अग्निवीर युवकों को शहीद का दर्जा नहीं मिलेगा। उन्हें किसी भी तरह की सरकारी सुविधा नहीं मिलेगी। यहां तक की हर चार में से सिर्फ एक ही युवक को सेना में भर्ती होगी। बाकी लोग चार साल के बाद रास्ते पर आ जाएँगे। ये है मोदी की गारंटी।

अग्निवीर युवकों से मीटिंग के बाद भारत जोड़ो न्याय यात्रा का कारवां मोहना की तरफ निकल पड़ा। ग्वालियर से चले इस रोड शो में भी हजारों की संख्या में लोग राहुल गांधी के साथ चल रहे थे। न्याय यात्रा के साथ जुड़ती इतनी बड़ी भीड़ से भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी परेशान हैं। यही कारण है कि पीएम अपनी चुनावी रैलियों में कांग्रेस की इस वैचारिक रैली के बारे अनर्गल प्रलाप करने से बाज़ नहीं आ रहे हैं।

रोड शो के बाद राहुल गांधी ने मोहना, शिवपुरी में उपस्थित हजारों लोगों को संबोधित किया। राहुल गांधी पूरी बेबाकी से अपनी बात जनता के सामने रखते जा रहे हैं। यहां भी उन्होंने कहा- ‘देश में चालीस साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी आज है। हिंदुस्तान में पाकिस्तान से दोगुनी बेरोजगारी है। यहां पर 23 प्रतिशत युवा बेरोजगार हैं, वहां पर 12 प्रतिशत युवा बेरोजगार हैं। हमारे यहां बेरोजगारों की संख्या बांग्लादेश और भूटान से ज्यादा है। इसकी वजह है मोदी जी की नोटबंदी और जीएसटी। जातिजनगणा से दूध का दूध पानी हो जाएगा। किसकी कितनी आबादी है और किसके पास देश का कितना धन है। लेकिन जब हमने जाति जनगणना की बात की तो मोदी जी कहने लगे कि देश में सिर्फ दो ही जात है। इसके पहले वो कहते फिरते थे कि मैं ओबीसी हूं!’

कांग्रेस जब सत्ता में थी उस वक्त गरीबों, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जो प्रयत्न किए जा रहे थे उसके बारे में राहुल गांधी ने बताया। उन्होंने कहा- ‘पहले इन लोगों के लिए पब्लिक सेक्टर में सरकारी नौकरी के जरिए रास्ता बनता था। अब सरकारी कंपनियों को प्राइवेट लोगों के हाथों में दे रहे हैं। HAL के कॉन्ट्रैक्ट अदानी जी को दे रहे हैं। अग्निवीर योजना लागू कर दी। पहले युवा सेना में जाते थे, पेंशन मिलती थी, कैंटीन की सुविधा मिलती थी, गांवों में इज्जत मिलती थी। लेकिन अब अग्निवीर योजना में ये सब खत्म कर दिया। चार में से एक को पूरी ट्रेनिंग मिलेगी, बाकी तीन को सिर्फ 6 महीने की ट्रेनिंग मिलेगी। अब अगर वो तीन में से कोई शहीद हो गया तो सरकार कहेगी कि ये तो शहीद नहीं हुआ। इसको हम कुछ नहीं देंगे, न पेंशन, न कैंटीन, न शहीद का दर्जा। मेरे हिसाब से ये अन्याय है।’

राहुल यहीं पर नहीं रूके। उन्होंने कहा- ‘मैं सिस्टम को जानता हूं। मैंने सिस्टम को अंदर से देखा है। मैं इसलिए कह रहा हूं कि थोड़ी सी जागरूकता होनी चाहिए। आपको पता भी नहीं चल रहा है कि आपका कितना बड़ा नुकसान हो रहा है। बीजेपी के लोग तो कहते हैं भारत माता की जय, लेकिन आप 73 प्रतिशत की जय क्यों नहीं कर रहे? इनको भी कुछ मिलना चाहिए।’

किसानों के बारे में राहुल ने जमकर कहा- ‘किसानों की लिस्ट निकालेंगे तो 73 प्रतिशत दलित, पिछड़े आदिवासी होंगे और थोड़े से गरीब सवर्ण होंगे। पिछले दस साल में बीजेपी की सरकार ने 200 बड़े उद्योगपतियों का 16 लाख करोड़ रुपया माफ किया है। लेकिन किसानों का एक भी कर्जा माफ नहीं किया। मैंने सिर्फ ये कहा कि अगर उद्योगपतियों का इतना पैसा माफ कर सकते हैं तो किसानों का भी थोड़ा पैसा माफ कर दो। लेकिन मुझे संसद में जवाब दिया जाता है कि राहुल जी हम किसानों की आदत खराब नहीं करना चाहते। उद्योगपतियों की आदत खराब कर सकते हैं लेकिन किसानों की आदत खराब नहीं कर सकते।’

किसान आंदोलन के बारे में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा- ‘हरियाणा पंजाब की सीमा पर कीलें गाड़ रखी हैं। लेकिन किसान मांग क्या रहे हैं? किसान सिर्फ अपनी फसल पर कम से कम दाम मिलने की मांग कर रहे हैं। लेकिन मोदी जी कहते हैं कि हम नहीं देंगे। आखिर किसान क्या गलत कर रहा है? वो अपना खून, पसीना सब दे रहा है, तपस्या कर रहा है। लेकिन उसे उसका हक़ नहीं देंगे। चिप्स बनाने वाले, मोबाइल बेचने वाले को देंगे, किसानों को नहीं देंगे। अंबानी जी के बेटे की शादी हो रही है उसमें पूरे धूम-धाम से लोग मस्ती कर रहे हैं, लेकिन आपलोग यहां भूखे मर रहे हैं।’

कांग्रेस नेता और न्याय यात्रा के सारथी राहुल गांधी को आज पटना में आयोजित इंडिया गठबंधन की जनविश्वास महारैली में भाग लेने के लिए जाना था। इस वजह से दोपहर के बाद यात्रा को विराम देने का निर्णय कांग्रेस आलाकमान ने ली थी। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने अपने एक्स (ट्विटर) अकाउंट के जरिए घोषणा कर दी थी।

कल यात्रा शिवपुरी से वापस शुरू होगी।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

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Comments (1)

  1. Parameswara Reddy

    There is no point in roaming on roads. Modi already listed 195 cand8dates so as they al started corporate style bombarding campaign in their seats. But here this guy kiling his party candidatea winning chance by not announcing its candidates. As usual till last minutes those congress leaders or its followers dont know who is their candidate makes the congress to lose seats to bjp. Best ex. Take ex of Delhi. Both bjp 5 & aap 4 declared their candiates but congress not even able to declare even one seat of 3 as part of its alliance in Delhi clears as congress defalt gifting 3 seats to bjp. That way congress dont have any moral to ask voters to vote. If he has any shame he just keep his house in order than crying on modi. Best ex recent RS election outcome of HP. With 40+ MLAs & 3 independents too bjp won there. Now like stone era village widow blames on bjp. How come CM of a state intelligence failed to find out whats in MLAs thinking &what cpngress leaders in Delhi planned to win RS. It seems he himself sold out to bjp so as slowly killing his own party 🤦‍♂️

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