राहुल गांधी: GST का लक्ष्य - गरीबों की जेब से पैसा निकालना और अमीरों की जेब में डालना

भारत जोड़ो न्याय यात्रा के 51वें दिन की ज़बरदस्त शुरुआत मध्य प्रदेश के शिवपुरी में हुई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यहां पर रोड शो किया। रोड शो में हजारों की भीड़। बच्चे, युवा, महिलाएँ, पुरूष, बुजुर्ग सभी पूरे जोश में कांग्रेस नेता की झलक पाने के लिए आए थे। हर तरफ राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे। रोड शो के खत्म होने के बाद राहुल गांधी ने एक जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस पार्टी के पांच न्याय के बारे में बात की।

राहुल गांधी ने कहा- ‘आर्थिक अन्याय, सामाजिक अन्याय कैसे किया जाता है? अन्याय से अदानी का तो नुकसान नहीं होता। हिंदुस्तान के बजट का पैसा जीएसटी (GST) से आता है। अंबानी और आम आदमी दोनों ही किसी वस्तु की खरीद पर एक समान ही GST देते हैं। GST का डिजाइन यही है कि जो जितना अमीर है उसको उतना ही फायदा और जो जितना गरीब है उसको उतना ही नुकसान GST से होता है। इसको Regressive Taxation कहते हैं। मतलब जो सबसे कमजोर होता है उसको उतना ही बोझ और जो जितना अमीर होगा उसको उतनी ही आसानी होगी GST से। GST का लक्ष्य यही है- गरीबों की जेब से पैसा निकालना और अमीरों की जेब में डालना। देश के तकरीबन 90 प्रतिशत दलित, आदिवासी, पिछड़े और जनरल कास्ट के गरीब लोग GST देते हैं।’

राहुल गांधी ने देश के प्रमुख मुद्दों पर बात करते हुए कहा- ‘देश के तीन प्रमुख मुद्दे हैं, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार। लेकिन मीडिया पर सिर्फ अंबानी जी के बेटे की शादी ही क्यों दिखा रहे हैं? मीडिया किसानों का नहीं है, दलितों का नहीं है, आदिवासियों का नहीं है, 75 प्रतिशत का नहीं है, वो अंबानी का है, अडानी का है। मीडिया 5-7 प्रतिशत लोगों की है। वो किसानों, गरीबों, मजदूरों, दलितों, पिछड़ों का नहीं है।’

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर फिर से हमला करते हुए कहा- ‘नरेंद्र मोदी कहते फिरते हैं भारत माता की जय। भारत माता का 75 प्रतिशत गरीब, दलित, पिछड़ा, लेकिन वो दिखता कहीं नहीं है। ऐसा क्यों है? पहले आपके पास एक रास्ता था। पब्लिक सेक्टर की कंपनियों जैसे कि BHEL, HAL में नौकरियां उन्हें दी जाती थी। दूसरा रास्ता था कि लोग सेना में जाना चाहते थे। सरकारी नौकरियों जैसे स्कूल, अस्पताल में लोगों को नौकरियां मिलती थी। मोदी जी ने सारे रास्ते बंद कर दिए। आर्मी वालों को अग्निवीर बना दिया। स्कूल, कॉलेज को निजी लोगों के हाथों में दे दिया। पब्लिक सेक्टर को प्राइवेट लोगों के हाथ में दे दिया। अस्पतालों को उन्हीं 20-25 लोगों के हाथों में दे दिया। युवाओं के साथ अगल तरह का अन्याय होता है। वो दो-तीन साल पढ़ाई करते हैं। और जब परीक्षा देने जाते हैं तो एक्जाम से एक घंटा पहले कोई स्टूडेंट से आपको पता चलेगा कि पेपर लीक हो गया है। ये रास्ता भी बंद। ये अन्याय आपके साथ हो रहा है। आपकी जमीन छिनी जाएगी, आप बेरोजगार रहेंगे और आपके बच्चे मोबाइल पर इंस्टाग्राम में बिजी रहेंगे और अदानी का बेटा पैसा गिनेगा। ये होगा।’

देश की समस्याओं का समाधान भी राहुल गांधी ने दिया- ‘इसका एक ही रास्ता है जाति जनगणना। इसमें दो कदम हैं। पहला कदम है जनसंख्या की गिनती। हिंदुस्तान में दलित कितने, आदिवासी कितने, पिछड़े कितने इसकी गिनती। दूसरा कदम है इकोनॉमिक सर्वे, मतलब सभी की आर्थिक स्थिति। सभी को पता चल जाएगा कि 2 प्रतिशत लोगों के पास लाखों करोड़ रूपए हैं लेकिन हमारे पास कुछ भी नहीं है। इसके बाद ही आप अपने हक़ के लिए, अपनी भागीदारी के लिए खड़े हो पाओगे। 21वीं सदी है लेकिन किसी के पास आज डेटा ही नहीं है। पहले डेटा तो निकाल लें।’

कांग्रेस की विचारधारा के बारे में लोगों के सवालों का जवाब उन्होंने दिया- ‘लोग कहते हैं कांग्रेस पार्टी की क्या विचारधारा है? हमारा काम नफरत को मिटाना है, रोजगार लाना है, अधर्म को हटाना है।’

इस संबोधन के बाद यात्रा गुना की तरफ निकल पड़ी। पूरे रास्ते में हजारों लोगों की भीड़ उनके साथ थी। गुना में हजारों लोग राहुल गांधी को सुनने के लिए बेताबी से इंतजार कर रहे थे। राहुल गांधी ने यहां भी केंद्र सरकार की अनैतिक नीतियों पर जमकर बोला। उन्होंने कहा- ‘देश के पास पैसा कहां से आता है? GST से आता है। देश की 90 प्रतिशत जनसंख्या GST देती है उससे आता है। उस 90 प्रतिशत में मजदूर, किसान, छोटे व्यापारी आते हैं। आपका पैसा है और जाता उन्हीं कुछ उद्योपतियों की जेब में। आपका एक रूपया कर्जा माफ नहीं होता, उनका 16 लाख करोड़ माफ हो जाता है। आपके पास एक रास्ता था सेना में जाने का उसे अग्निवीर योजना लाकर बंद कर दिया। यहां के पब्लिक सेक्टर यूनिट को कांग्रेस पार्टी लाई जिससे 20 हजार लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला। इसे भी प्राइवेटाइज करके ये रास्ता भी बंद कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि 90 प्रतिशत लोगों को न्याय मिले। न्याय के लिए सबसे पहला कदम जाति जनगणना है। हम चाहते हैं कि 90 प्रतिशत को थोड़ा फायदा हो, आपको रोजगार मिले, आपका भी कर्जा माफ हो, आपके लिए भी बैंक के दरवाजे खुले, महंगाई थोड़ी कम हो, इतना ही हम चाहते हैं।’

इस संबोधन के बाद यात्रा लंच ब्रेक के लिए राघोगढ़ में रूकी। लंच ब्रेक के बाद यात्रा वापस शुरू हुई और ब्यावरा की तरफ निकल पड़ी। पूरे रास्ते राहुल गांधी और न्याय यात्रा को मिल रहे अपार जनसमर्थन ने भाजपा की नींद उड़ा रखी है। ब्यावरा पहुंचने पर भी राहुल गांधी ने जनता को संबोधित किया और एक बार फिर से लोगों को सच का आईना दिखाया। उन्होंने कहा- मनरेगा को एक साल चलाने में 65 हजार करोड़ रूपए लगते हैं। मोदी जी ने 16 लाख करोड़ रूपए का उद्योगपतियों का कर्जा माफ करके 1 साल का मनरेगा का पैसा उन्हें पकड़ा दिया। पिछड़े वर्ग के लोग किसी भी बड़े अस्पताल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, ब्यूरोक्रेट, मीडिया में नहीं दिखते लेकिन मजदूरों में सबसे ज्यादा संख्या गरीब, पिछड़ों, दलितों की होती है। अमीर गरीब के बीच की इस दूरी पाटने के लिए ही जाति जनगणना जरूरी है। आंकड़े पता चल जाएंगे। जनसंख्या किसकी कितनी है और देश के कितने पैसे किसके पास हैं। मेरे हाथ में जब अधिकार आएगा तो मैं एक्स-रे कराने के बाद एमआरआई भी करा दूंगा। मतलब पूरी निचोड़ निकाल दूंगा, किसके पास क्या है। उसके बाद सच्ची भागीदारी शुरू हो जाएगी। कांग्रेस पार्टी क्रांतिकारी काम करती है। हम आजादी के लिए लड़े, हरित क्रांति के लिए लड़े, सफेद क्रांति के लिए लड़े, कंप्यूटर क्रांति दिया, अब हम जाति जनगणना के लिए लड़ने जा रहे हैं और हम रूकेंगे नहीं। जब तक हिंदुस्तान का एक्स-रे और एमआरआई न हो जाएँगे हम रूकेंगे नहीं। और आप हमारा साथ देकर हमारा ये काम करा दें।’

ब्यावरा में इस संबोधन के बाद राहुल गांधी की किसानों के साथ बैठक हुई। खाट पर चर्चा में किसानों ने कांग्रेस नेता के सामने अपनी मुश्किलों के बारे में बात की। उन्होंने विस्तार से अपनी मुश्किलों के बारे में बताया-

  • बैंक में खाते तो हैं और उसमें पैसे भी जमा कराते हैं लेकिन पासबुक इंग्लिश में होता है जिससे किसानों को पता ही नहीं चलता है कि आखिर उनके पासबुक में क्या इंट्री की जा रही है।
  • किसानों 2008 के मनमोहन सरकार की तरह कर्जमाफी चाहते हैं।
  • किसानों ने अपनी ये भी मुश्किल साझा की कि आम जन मानस को लगता है कि किसान टैक्स नहीं देते। लेकिन जब वो मंडी जाते हैं तो वहां लगने वाले टैक्स पर हमें कोई छूट नहीं मिलती।
  • फूड प्रोसेसिंग या फिर उसके भंडारण की सुविधा नहीं होने से भी किसानों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
  • सरकार की आयात-निर्यात पॉलिसी से सबसे ज्यादा किसान ही प्रभावित होते हैं।
  • पीएम बीमा योजना से किसानों के लिए जो पैसे आते हैं उसे सरकारी कर्मचारी और सांसद खा जाते हैं। किसानों तक वो पैसा पहुंचता ही नहीं है।

किसानों की इस व्यथा को सुनकर राहुल गांधी ने उन्हें हर संभव सहायता का वादा किया। उन्होंने किसानों को कहा कि, ‘अगर हमारी सरकार आती है तो हमारी पहली कोशिश यही होगी कि दस साल के बाद किसान भी अपने बेटे को बोलें कि तुम भी खेती किसानी करो। हम लोगों के मन की बात सुनते हैं, वो अपने मन की बात करने में भरोसा रखते हैं, तभी तो RSS के प्रचारक होते हैं। कांग्रेस पार्टी इस बात को लेकर प्रतिबद्ध है कि किसानों को हम MSP देकर रहेंगे। बीजेपी कहती है ये नहीं हो सकता लेकिन कांग्रेस इस असंभव को संभव करके दिखाएगी। अगर उद्योगपतियों का पैसा माफ किया जा सकता है तो आखिर किसानों का क्यों नहीं?’

किसानों के साथ इस खाट पर चर्चा के बाद कांग्रेस नेता और भारत जोड़ो न्याय यात्रा रात्रि विश्राम के लिए कैंप की तरफ निकल पड़ी।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

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