राहुल गांधी: किसान, युवा रो रहे हैं- अंबानी अडानी मजे ले रहे हैं

भारत जोड़ो न्याय यात्रा के 57वें दिन की शुरूआत सूरत ज़िले में कपड़ा उद्योग से जुड़े 40 MSME व्यापारियों और सीए के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात के साथ हुई। इस मुलाकात में प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपनी परेशानियों से अवगत कराया। GST और नोटबंदी के खिलाफ खोले गए मोर्चे पर साथ देने का वायदा किया। राहुल गांधी ये बात शुरू से कह रहे हैं कि मोदी सरकार की ये दो नीतियां छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को खत्म करने की साजिश थी। इन दोनों नीतियों ने गरीबों को और गरीब बनाया है। ये सारी साजिश केंद्र सरकार ने देश के कुछ उद्योगपतियों को फायदा उठाने के लिए रची है।

इस मुलाकात के बाद यात्रा सूरत ज़िले के मांडवी से शुरू हुई और बारडोली की ओर बढ़ी। बारडोली में राहुल गांधी ने ऐतिहासिक स्वराज आश्रम में भारत के लौह पुरूष और पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। राहुल गांधी के साथ आज भी हजारों लोगों की भीड़ जुड़ी। हर किसी में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ खड़े होने के लिए राहुल गांधी के प्रति आभार की भावना थी। हर किसी को अपने इस नेता से न्याय की उम्मीद है। सरकार की बेरूखी से त्रस्त जनता को उम्मीद की किरण सिर्फ राहुल गांधी में ही दिख रही है।

सूरत के बाद यात्रा तापी ज़िले के व्यारा की ओर चल पड़ी। यहां राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक सभा को संबोधित किया। यहां जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आज प्रतिनिधिमंडल से हुई अपनी मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने कहा- ‘आज सुबह मेरे पास गुजरात के 30 व्‍यापारी आए, छोटे बिज़नेस चलाने वाले, स्‍मॉल-मीडियम बिज़नेस जो चलाते हैं, जो इस देश को रोज़गार देते हैं। जो बड़े अरबपति होते हैं अडानी जैसे, वो इतना रोज़गार नहीं देते, रोज़गार छोटे व्‍यापारी देते हैं। वो आए और वो मुझे कहते हैं - राहुल जी, नोटबंदी और जीएसटी ने हिंदुस्‍तान के स्‍मॉल और मीडियम बिज़नेस चलाने वाले लोगों को, टेक्‍सटाइल इंडस्‍ट्री को, डायमंड इंडस्‍ट्री को ख़त्‍म कर दिया। तो मैंने उनसे पूछा कि ये जो नोटबंदी हुई, जो जीएसटी लागू की गई इसका लक्ष्‍य क्‍या था? और उन्‍होंने एक सेकंड में मुझे जवाब दिया कि राहुल जी, जीएसटी, नोटबंदी का लक्ष्य हिंदुस्‍तान के छोटे व्‍यापारियों को ख़त्‍म करने का था। किसान से बात करता हूं तो किसान कहते हैं कि जो तीन काले कानून किसान के खिलाफ़ बनाए गए, उनका लक्ष्‍य किसान को ख़त्‍म करने का था।’

राहुल गांधी ने किसानों के खिलाफ सरकार के अत्याचार के बारे में बात करते हुए कहा- ‘आप जैसे हिंदुस्‍तान में करोड़ों किसान दिन-भर काम करते हैं, ऐसी धूप में काम करते हैं। ये अपना पूरा दम लगाते हैं, जान लगा देते हैं और ये सिर्फ़ आज-कल एक चीज़ मांग रहे हैं कि हमें एमएसपी दे दीजिए, जो हम उगाते हैं, उसका सही दाम दे दीजिए। बीजेपी कहती है - नहीं, आलू अडानी और अंबानी बेचेंगे और जो किसान की मेहनत है, उसका पैसा हम किसान को नहीं देने वाले हैं। उन्‍होंने कह दिया कि हम लीगल एमएसपी नहीं देंगे। मगर हिंदुस्‍तान के सबसे बड़े अरबपतियों का आप 16 लाख करोड़ का कर्जा माफ कर दिया है!’

राहुल गांधी इतने पर ही नहीं रूके- ‘एमएसपी नहीं देते, कर्जा माफ़ नहीं करते, बीमा योजना का पैसा नहीं देते और जब इनके माल बेचने का टाईम आता है तो इम्‍पोर्ट-एक्‍सपोर्ट पॉलिसी को बदल देते हैं। छोटे व्‍यापारी रो रहे हैं, किसान रो रहे हैं, युवाओं को रोज़गार नहीं मिल रहा और अंबानी, अडानी जैसे उद्योगपति मजे ले रहे हैं।’

राहुल गांधी ने सामाजिक और आर्थिक न्याय के अपने एजेंडे के बारे में बताते हुए जनता से कहा- ‘सबसे पहले दो काम करने हैं। पहला काम - जाति जनगणना। इससे हिंदुस्‍तान के हर नागरिक को ये पता लग जाएगा कि इस देश में पिछड़े कितने हैं, ग़रीब जनरल कास्‍ट के कितने हैं, आदिवासी कितने हैं और उसके बाद आर्थिक सर्वे। मतलब इनको पता लग जाएगा कि हिंदुस्‍तान का जो धन है, उसमें से मेरे समाज के हाथ में इतना आ रहा है। हिंदुस्‍तान की जो संस्‍थाएं हैं, चाहे वो ब्‍यूरोक्रेसी हो, चाहे वो सेना हो, चाहे वो जुडिश्यरी हो, चाहे वो मीडिया हो। इसके बाद आप अपना हक मांग पाओगे। आज आप अपना हक़ ही नहीं मांग सकते, क्‍योंकि आपके पास डेटा ही नहीं है, आप जानते ही नहीं हो। मैं आपको बताता हूं कि हिंदुस्‍तान में 22 ऐसे लोग हैं जिनके पास हिंदुस्‍तान के 70 करोड़ लोगों जितना पैसा है। जितना 50% आबादी के पास पैसा है, उतना ही पैसा 22 लोगों के पास है! कर्जा माफ़ किसका होता है- ये 22 का। 16 लाख करोड़ रुपए उनके माफ़ होते हैं, फसल बीमा योजना का पैसा कहां जाता है- उनके पास जाता है। पब्लिक सेक्‍टर को प्राईवेटाइज़ करते हैं, कहां जाता है- उनके पास जाता है।’

उन्होंने आगे कहा- ‘जाति जनगणना से, इकोनॉमिक सर्वे से ये साफ़ हो जाएगा, ये क्रांतिकारी काम है। इस काम को पूरा करने के लिए आप सब लग जाइए, हमारे साथ खड़े हो जाइए। इसको हम करके दे देंगे, सच्‍ची राजनीति उसके बाद शुरू होगी।’

इस संबोधन के बाद यात्रा अपने विश्राम कैंप की ओर निकल पड़ी। आज की यात्रा दोपहर तक ही थी। कल यात्रा में ब्रेक रहेगा। 12 मार्च को यात्रा महाराष्ट्र से वापस शुरू होगी।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

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Comments (2)

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