राहुल गांधी: गुजरात मॉडल को आदिवासी, दलित, किसान, पिछड़े रोकेंगे

भारत जोड़ो न्याय यात्रा के 56वें दिन की शुरूआत गुजरात के छोटा उदयपुर से हुई। यहां पर हजारों लोगों का जत्था यात्रा के साथ जुड़ा। मोदी सरकार के अन्याय के विरोध में जनता कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का हर जगह शानदार स्वागत कर रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के रोड शो में रोजाना हजारों लोग जुड़ रहे हैं। सिर्फ छोटा उदयपुर ही नहीं बल्कि नर्मदा ज़िले में भी राहुल गांधी का शानदार स्वागत हुआ। हजारों की भीड़ के साथ चलते हुए यात्रा राजपीपला पहुंची। राजपीपला स्थित सुप्रसिद्ध श्री हरसिद्धि माता मंदिर में राहुल गांधी ने माथा टेका और पूजा-अर्चना की। कांग्रेस नेता यहां देशवासियों के सुख और समृद्धि की कामना की। मंदिर से निकलने के बाद न्याय यात्रा भरूच की तरफ निकल पड़ी। भरूच पहुंचकर राहुल गांधी ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने गुजरात मॉडल पर हमला करते हुए कहा कि- ‘गुजरात मॉडल यहीं गुजरात से शुरू हुआ था, और इसको रोका भी यहीं जाएगा। आदिवासी, दलित, किसान, पिछड़े ही इसे रोकेंगे।’

लोगों को उनकी भागीदारी के प्रति जागरूक करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा- ‘दिल्ली की सरकार को 90 IAS अफसर चलाते हैं। देश का पूरा बजट ये अफसर ही तय करते हैं। इनमें से आदिवासी समुदाय का सिर्फ एक बंदा है जिसे कोने में बैठा रखा है। अगर हिंदुस्तान सरकार 100 रुपया खर्च करती है तो आदिवासी वर्ग का अफसर सिर्फ 10 पैसा ही खर्च करता है। आदिवासी की आबादी 8% लेकिन खर्च करने में भागीदारी सिर्फ 10 पैसा। जब जमीन लेने की बात आती है तो आपको सबसे आगे खड़ा कर देते हैं और जब भागीदारी देने की बात है तो आपको सबसे पीछे खड़ा कर देते हैं। आपका जल, जंगल और जमीन उठाकर ले जाते हैं। आपको ये सवाल पूछना चाहिए कि आखिर ये विकास हो किसके लिए रहा है? 90% के लिए हो रहा है या फिर 2-3% के लिए हो रहा है।’

उन्होंने आदिवासी और वनवासी का फर्क बताते हुए ये भी वादा किया कि जल, जंगल और जमीन का हक़ वो आदिवासियों को दिलाकर रहेंगे। उन्होंने कहा- ‘मैं सबसे पहले आपको याद दिलाना चाहता हूं कि चाहे वो पेसा कानून हो, चाहे जमीन अधिग्रहण बिल हो या फिर ट्राइबल एक्ट हो, ये तीनों ऐतिहासिक काम कांग्रेस पार्टी ने आपके साथ मिलकर आपके लिए किए थे। मैं यहां आपको आश्वासन देना चाहता हूं। सबसे पहला आप आदिवासी हो, आप वनवासी नहीं हो। और दूसरा, जल, जंगल और जमीन का आपका जो हक़ है वो आपका है और कांग्रेस पार्टी आपको दिलावाएगी। हमने जो ट्राइबल एक्ट, फॉरेस्ट एक्ट लागू किया था उसको हम फिर से ठीक से लागू करेंगे। आपको आपकी जमीन मिलनी चाहिए और जो आपका हक़ है वो हम आपको दिलवाएंगे।’

देश में हर स्तर पर जनता की भागीदारी की बात करते हुए कहा- ‘दूसरा मामला है भागीदारी का। सबसे पहला कदम ये 90 प्रतिशत हैं कौन जिनको देश में भागीदारी नहीं दी जा रही है, ये लोग हैं कौन और कितने हैं? ये तो सबको मालूम है कि हिंदुस्तान में गरीबों के दिल में जख्म है। अदानी अंबानी जैसे लोगों का 16 लाख करोड़ रूपया माफ हो जाता है। मगर किसानों, मजदूरों का एक रूपया भी माफ नहीं किया जाता। आज डेटा का जमाना है। 21वीं सदी है। लेकिन फिर भी किसी को ये नहीं मालूम की चोट कैसी लग रही है, कितनी लग रही है, कहां लग रही है। वो आपको ये बताना ही नहीं चाहते कि आप कितने हो। वो गिनती से डरते हैं। जाति जनगणना से डरते हैं। जाति जनगणना से सभी को पता लग जाएगा कि कौन कितनी संख्या में है। जाति जनगणना में दो कदम हैं- जातियों की गिनती और इकोनॉमिक सर्वे।’

बीजेपी के विकास मॉडल के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा- ‘गुजरात में तीस ठेकेदार हैं- AA क्लास। उनके जेब में आपके जीएसटी का पैसा जाता है। आपके जेब में से पैसा निकाल कर तीस ठेकेदारों सड़क बनाने का ठेका दिया गया है। लेकिन उन तीस में से आपको एक भी दलित, पिछड़ा या आदिवासी नहीं दिखेगा। आपके जेब से पैसा निकाल कर अदानी के जेब में पैसा डालने को बीजेपी विकास कहती है।’

फसल बीमा योजना के घपले पर भी बात करते हुए राहुल गांधी ने जनता को बताया- ‘फसल बीमा योजना का 35 हजार करोड़ रूपए साल का लगता है। 10 हजार करोड़ रूपया राज्य सरकार देती है। फसल बीमा योजना का पैसा 16 कंपनियों के पास जाता है, जिसके मालिकों में एक दलित, पिछड़ा या फिर आदिवासी नहीं है। जाति जनगणना से दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। ये हम करना चाहते हैं। हमारे मैनिफेस्टो में ये पहला कदम है जाति जनगणना और ये जो 50 प्रतिशत की लिमिट डाल रखी है इसको हम निकाल देंगे।’

अपने मैनिफेस्टो के बारे में बात करते हुए कहा- ‘मोदी जी की सरकार किसानों को MSP देने से मना करती है। हमने मैनिफेस्टो में लिख दिया कि लीगल एमएसपी किसानों को कांग्रेस पार्टी दे देगी। जाति जनगणना क्रांतिकारी कदम है, इसे छोड़ना नहीं है। मेरा लक्ष्य है कि हिंदुस्तान का जो धन है, जो संस्थाएं हैं, उनमें हिंदुस्तान के सभी लोगों को भागीदारी मिले।’

भरूच के जनसंवाद में एक आदिवासी युवक और एक पूर्व सेनाकर्मी ने बीजेपी सरकार की अनैतिक नीतियों का भांडा फोड़ा। उन दोनों ने उपस्थित भीड़ को बताया कि कैसे मोदी सरकार विकास के नाम पर छलावा कर रही है और जनता के साथ साथ देश की सुरक्षा से भी समझौता कर रही है। भरूच के बाद यात्रा सूरत की तरफ निकल पड़ी।

पूरे रास्ते में यात्रा के साथ हजारों लोगों की भीड़ साथ चल रही थी। गुजरात, प्रधानमंत्री नरेंद्र का घर है, उनके गढ़ में कांग्रेस की न्याय यात्रा और राहुल गांधी के साथ जुड़ी इतनी बड़ी भीड़ को देखकर बीजेपी के हाथ-पांव फूल रहे हैं। सूरत में ही यात्रा के रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई थी।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

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