राहुल गांधी: आदिवासियों के लिए 6 संकल्प

एक दिन के ब्रेक के बाद आज भारत जोड़ो न्याय यात्रा का 59वां दिन शुरू हुआ। यात्रा दोपहर के समय महाराष्ट्र के नंदुरबार से फ़िर शुरू हुई। यहां पर कांग्रेस नेता और भारत जोड़ो न्याय यात्रा के नायक राहुल गांधी के स्वागत में आदिवासी न्याय होली सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसके साथ ही राष्ट्रीय ध्वज हस्तांतरण समारोह भी था। नंदुरबार पहुंचने पर लाखों की संख्या में लोग कांग्रेस नेता का इंतजार कर रहे थे। सिर्फ कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि कांग्रेस के हजारों समर्थक, आदिवासी लोग इस यात्रा के इंतजार में समारोह स्थल पर मौजूद थे।

यहां पहुंचकर राहुल गांधी ने सबसे पहले होलिका दहन की पूजा की। आदिवासी भाईयों की मौजूदगी में आदिवासी इस होलिका पूजा के साथ ही कांग्रेस पार्टी के आदिवासी न्याय सम्मेलन की शुरूआत हुई। होलिका दहन के बाद गुजरात और महाराष्ट्र के दिग्गज कांग्रेसी नेताओं के साथ राहुल गांधी मंच पर गए। यहां पर गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस को राष्ट्रीय ध्वज थमाया गया। इसके साथ ही यात्रा के महाराष्ट्र में प्रवेश की आधिकारिक घोषणा हो गई। इसके बाद स्थानीय कांग्रेसी नेताओं द्वारा राहुल गांधी के स्वागत में स्थानीय प्रतीकों को उन्हें सौंपा गया। मंच पर उपस्थित गणमान्य नेताओं ने जनता को संबोधित किया। फिर राहुल गांधी ने उपस्थित लोगों को संबोधन दिया। अपने आज के भाषण में राहुल गांधी ने एक नए न्याय और कांग्रेस के मैनिफेस्टो की घोषणा कर दी।

अपनी पूरी न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने सरकार और बीजेपी को चौंकन्ना कर रखा है। पांच न्याय ( नारी, युवा, श्रमिक, भागीदारी और किसान न्याय) की घोषणा के बाद से ही बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बौखलाए घूम रहे हैं। आज कांग्रेस नेता ने उन्हें एक और चोट दे दी। अचानक से ही उन्होंने आदिवासियों के लिए पांच न्याय की घोषणा कर दी। कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी के हर झूठ का जवाब अपने न्याय की घोषणाओं से करेंगे, ऐसा उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने पहले तो वहां उपस्थित आदिवासी भाई-बहनों को कांग्रेस पार्टी के आदिवासी और बीजेपी के वनवासी कॉन्सेप्ट के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने उपस्थित लोगों को सच्चाई बताते हुए कहा- ‘वनवासी शब्द में फर्क आपलोग जानते हैं? आप कहते हैं कि आप आदिवासी हैं। इसका मतलब क्या है? इसका मतलब है कि हम इस देश के मालिक हैं। आदिवासी शब्द का मतलब देश के असली मालिक। यहां पर जब कोई नहीं था तो आदिवासी हिंदुस्तान में थे। आप ही असली मालिक हो। मतलब जो जल, जंगल, जमीन है, हिंदुस्तान का जो धन है उसके असली मालिक आप थे। वनवासी का मतलब वो लोग जो जंगल में रहते हैं। वनवासी और आदिवासी में फर्क ये है कि आदिवासी शब्द के साथ जमीन, जल और जंगल का अधिकार जुड़ा हुआ है। वनवासी शब्द में कोई अधिकार नहीं है। इसलिए बीजेपी आपको वनवासी कहती है और हम आपको आदिवासी कहते हैं।’

उन्होंने आगे कहा- ‘हिंदुस्तान का जो आइडेंटिटी कार्ड है - आधार कार्ड, जिससे देश के हर नागरिक को पता लगता है कि वो हैं कौन, उसको हमने आदिवासी इलाकों में क्यों लागू किया? क्योंकि हम आपको ये मैसेज देना चाहते थे कि आप इस देश के असली मालिक हैं। ये जल, जंगल और जमीन आपका था और आपसे वो छीन लिया गया। और अगर ये आपका था तो जमीन, जंगल और जल पर आपका ही हक़ बनता है। वनवासी का मतलब एक बार हिंदुस्तान में जंगल खत्म हो जाएं तो फिर आप कहीं के नहीं रहेंगे। बीजेपी जंगल को खत्म करती जा रही है और अदानी को देती जा रही है। धीरे धीरे हिंदुस्तान का सारा जल, जंगल अदानी जैसे उद्योपतियों को चला जाएगा। फिर बीजेपी आपको कहेगी कि भईया अब जंगल तो रहा नहीं आपलोग सड़क पर जाकर भीख मांगो, मजदूरी करो।’

इसके बाद देश में व्याप्त गरीब और अमीर के बीच की खाई के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा- हिंदुस्तान में 22 लोग हैं जिनके पास उतना ही धन है जितना हिंदुस्तान के 70 करोड़ लोगों के पास है। गुजरात की 25 प्रतिशत जमीन ले ली। ये जमीन आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों, गरीबों की थी। आपसे कहते हैं कि विकास हो रहा है, कैसा विकास? आपकी भागीदारी तो है ही नहीं। इस सूरत को बदलना है इसलिए हमें दो काम करने हैं। पहला काम ये कि सभी की गिनती करनी है। उसके बाद गिनती करने के साथ, इकोनॉमिक और फाइनेंशियल सर्वे करना है। ये पता लगाना है कि आदिवासियों की भागीदारी कितनी है। अगर 8 प्रतिशत नहीं है तो होनी चाहिए और होगी। ये एक क्रांतिकारी कदम है और कांग्रेस पार्टी ने इसे अपने मैनिफेस्टो में डाल दिया है। जैसे ही हमारी सरकार आएगी ये लागू हो जाएगा। दूसरा वादा हमने किया है- किसानों को लीगल MSP। कम से कम दाम गारंटी के साथ, कांग्रेस पार्टी हिंदुस्तान के किसानों को देने जा रही है।’

इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने आदिवासियों के लिए 6 ऐतिहासिक संकल्प की घोषणा कर दी। आदिवासियों की चिंता अगर किसी को है तो कांग्रेस पार्टी को है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण ये 6 न्याय की घोषणा है। राहुल गांधी ने कहा- आदिवासियों के लिए हमने 6 ऐतिहासिक चीजें अपने मैनिफेस्टो में डाली है।

  1. सुशासन हम फॉरेस्ट राइट एक्ट लाए। बीजेपी ने उसको कमजोर किया और जो जमीन पर आपके अधिकार बनता है उसको पूरा नहीं किया। आपका जमीन का जो हक़ वो आपको नहीं दिया। बहुत सारे लोगों के जो क्लेम हैं उनको रिजेक्ट कर दिया। जैसे ही हमारी सरकार आएगी एक साल के अंदर उन सभी क्लेम को सेटल किया जाएगा। जमीन आपके हवाले हो जाएगी। और जिन क्लेम को गलत तरीके से रिजेक्ट किया गया है उसको रिव्यू करके 6 महीने में कार्यवाही की जाएगी।
  2. सुधार जमीन अधिग्रहण बिल को बीजेपी ने कमजोर किया है। कांग्रेस उसे वापस मजबूत करेगी। और आप अपने अधिकार की रक्षा कर पाएंगे। जमीन के लिए आपको 4 गुना रेट मिलेगा। जल, जंगल और जमीन का अधिकार आपके हाथ में हो जाएगा।
  3. सुरक्षा पूरे हिंदुस्तान में जहां भी आदिवासियों की 50% से ज्यादा आबादी है, उसे हम 6th Schedule में डाल देंगे। मतलब सारे स्थानीय निर्णय आदिवासी लोग स्वयं लेंगे।
  4. स्वाभिमान किसानों की तरह आदिवासियों को जंगल की उपज के लिए लीगल गारंटी दी जाएगी।
  5. स्वशासन PESA कानून में गांव की सरकार और ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट सरकार को बनाया जाएगा।
  6. सब-प्लान जो ट्राइबल सब प्लान/दलित सब प्लान आंध्र प्रदेश में बनाया गया है। इसमें पैसे आपके हितों की रक्षा के लिए रखा जाता है और अगर वो पैसा प्रयोग नहीं हो पाता है तो अगले साल भी वो पैसा आपके लिए ही प्रयोग होगा। ये कानून दिल्ली में बनाएँगे।

इन कामों को हम छोड़ेंगे नहीं। करके रहेंगे। आपके जल, जंगल और जमीन पर आपका हक़ है, उसे हम आपको दिलाएंगे।’

इस संबोधन के बाद यात्रा अपने हजारों समर्थकों के साथ धुले की तरफ निकल गई। न्याय यात्रा के आज के रात्रि विश्राम की व्यवस्था यहीं की गई थी।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

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