Day 9: राहुल गांधी को मंदिर जाने से रोका

भारत जोड़ो न्याय यात्रा के नौवें दिन की शुरूआत गहमागहमी से भरी रही। न्याय यात्रा का काफिला रात्रि विश्राम स्थल से बरदोवा थान के लिए निकला। श्री गांधी को यहां पर श्री शंकरदेव जी के मंदिर जाकर पूजा अर्चना करनी थी। श्रीमंत शंकरदेव जी 15वीं-16वीं शताब्दी में असमिया भाषा के अत्यन्त प्रसिद्ध कवि, नाटककार, गायक, नर्तक, समाज संगठक, तथा हिन्दू समाजसुधारक थे। बरदोवा थान उनकी जन्मस्थली है। श्री गांधी के इस दर्शन के लिए कांग्रेस पार्टी ने पहले ही परमिशन ले ली थी। बावजूद इसके, जब आज सुबह न्याय जोड़ो यात्रा और राहुल गांधी का काफिला बरदोवा थान मंदिर पहुंचा तो श्री गांधी को मंदिर के अंदर जाने से रोक दिया।

हैरानी की बात तो ये है कि राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था में दिक्कत होने की वजह बताकर श्री गांधी को तो मंदिर के बाहर रोक दिया, लेकिन कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई और बाकी लोगों को प्रवेश की इजाज़त दे दी। मंदिर में प्रवेश पर रोक सिर्फ राहुल गांधी के लिए लगाई गई थी। इसके विरोध में श्री गांधी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल, यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास सहित कई कांग्रेसी नेता और सैंकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए। श्री गांधी के साथ सैंकड़ों लोग धरने पर बैठ गए। महिलाएं रघुपति राघव राजराम भजन गाने लगीं तो पुरूषों ने भी जमकर उनका साथ दिया। श्री गांधी ने उपस्थित लोगों से बात की। छोटे-छोटे बच्चे-बच्चियों से बात की।

सत्ता का दंभ, बल पर अहंकार बड़े से बड़ों के पतन का कारण बना है - भाजपा के इस चरित्र को, खास कर आज के घटनाक्रम के बाद, असम की जनता बहुत अच्छे से समझ गई है। #BharatJodoNyayYatra

Posted by Rahul Gandhi on Monday, January 22, 2024

श्री गांधी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि- ‘मुझे मंदिर जाने से रोकने का आदेश ‘ऊपर’ से आया है। ये नहीं चाहते कि मैं मंदिर जाऊं। शंकरदेव जी ने असम के सोच को सबसे अच्छी तरह सभी के सामने रखा था। मैंने सोचा था कि जब हम यहां आए हैं तो हमें उनके मंदिर में जाकर उन्हें नमन करना चाहिए। हम भी शंकरदेव जी के रास्ते पर चल रहे हैं। उन्हीं की तरह नफरत नहीं फैलाते हैं। लेकिन राज्य सरकार ने मुझे श्री शंकरदेव जी के मंदिर में जाने से रोक दिया। मुझे बोला गया कि लॉ एंड ऑर्डर की समस्या है। अजीब सी बात है कि गौरव गोगोई जी जा सकते हैं, बाकी सारे लोग जा सकते हैं, सिर्फ राहुल गांधी नहीं जा सकता। ठीक है कोई बात नहीं। मुझे जब भी मौका मिलेगा तब जाऊंगा।’

राज्य सरकार की इस कायरतापूर्ण कार्यवाही के कारण आज लंच से पहले की यात्रा का सारा शेड्यूल बिगड़ गया। इसके संदर्भ में प्रेस को कांग्रेस महासचिव श्री जयराम रमेश ने बताया। उन्होंने सुबह के पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार ढंग से बताया-

‘आज 9वें दिन की क्रोनोलॉजी समझने की जरूरत है। 11 जनवरी को हमारे दो विधायक और फिर 19 जनवरी को हमारे सांसद गौरव गोगोई बोरदोवा सत्र या बोरदोवा थान के सत्राधिकार से मिले और राहुल गांधी के 22 जनवरी को बोरदोवा सत्र आने की बात कही। दोनों ही बार सत्राधिकार ने कहा कि राहुल जी का स्वागत है।

20 जनवरी की शाम को असम के मुख्यमंत्री बयान देते हैं कि कानून व्यवस्था गड़बड़ हो सकती है इसको ध्यान में रखते हुए असम सरकार ने ये तय किया है कि 22 की सुबह राहुल जी बोरदोवा थान नहीं जा सकते हैं। पर 3 बजे के बाद जा सकते हैं। 21 तारीख को सुबह 11.30 बजे सत्राधिकार ने भी सीएम के बयान को दोहरा दिया।

आज सुबह करीब 8.20 बजे राहुल जी बोरदोवा पहुंचे। 17 किलोमीटर पहले ही बैरिकेड लगाया गया था। हमारे निवेदन पर सांसद गौरव गोगोई और विधायिका शिवमनी बरूआ को जाने दिया गया। अगर हमारे लोकल MLA को भी बोरदोवा थान जाने से रोक देते तो हमारे लोकतंत्र पर एक आक्रमण होता। वैसे तो रोज ही हमारे लोकतंत्र पर एक विशेष आक्रमण होता।’

सरकार चाहे कितनी भी साजिश कर ले लेकिन भारत जोड़ो न्याय नहीं रूकने वाली। इसी मूलमंत्र का पालन करते हुए दोपहर बाद फिर से श्री राहुल गांधी का काफिला अपनी यात्रा पर निकल पड़ा। जोरबाट असम-मेघालय सीमा पर राष्ट्रीय ध्वज हस्तांतरण के साथ ही यात्रा के मेघालय की सीमा में प्रवेश की औपचारिक घोषणा हो गई।

श्री गांधी का काफिला हजारों की भीड़ के साथ जोरबाट से पहाम्सियेम गांव, नोंगपो की तरफ चल पड़ा। यहां श्री गांधी ने करीब एक किलोमीटर की पदयात्रा की। इस पदयात्रा में राहुल गांधी के साथ हज़ारो लोग जुड़े थे। पदयात्रा पहाम्सियेम गांव के मैदान में आकर रूकी और यहां श्री गांधी ने जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा- ‘2 किलोमीटर की पदयात्रा में मेरे साथ चलने के लिए आप सभी का शुक्रिया। हमारे गृहमंत्री ने मेघालय की सरकार को देश की सबसे भ्रष्ट सरकार का तमगा दिया था। और फिर कुछ दिन बाद ही उसी भ्रष्ट के साथ हाथ मिला कर वो सरकार में आ गए। मेघालय में अवैध कोयला ट्रांसपोर्ट स्कैम चल रहा है, विधानसभा की गुंबद गिरने का स्कैम चल रहा है। ये हम सभी के सामने है। हमारे संविधान के आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएं हैं लेकिन आपकी भाषा गारो और खासी को वहां जगह नहीं मिली है।’

इसी संबोधन के साथ ही भारत जोड़ो न्याय यात्रा का नौवां दिन समाप्त हुआ और काफिला री-भोई की तरफ बढ़ चला। न्याय यात्रा के सैनिकों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था यहीं पर की गई।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

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