Day 6: जो आपका है, वो आपको वापस लौटाया जाए

भारत जोड़ो न्याय यात्रा छठे दिन के सफर पर नए अंदाज में निकली। सुबह श्री राहुल गांधी का काफिला निमती घाट से नाव पर सवार होकर माजुली द्वीप जाने के लिए निकला। इस बोट यात्रा में श्री गांधी के साथ कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, प्रदेश अध्यक्ष और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सहित पार्टी के कई शीर्ष नेता मौजूद थे।

लगभग एक घंटे की बोट यात्रा के दौरान श्री गांधी ने बोट के मालिक और बोट पर मौजूद कर्मियों से भी बात की। उनका हाल-चाल पूछा और हल्के फुल्के अंदाज में राजनीतिक चुटकी भी ली। श्री राहुल गांधी के काफिले का अगला पड़ाव अफाला फेरी तट था। वहां से श्री गांधी को कार में 20 किलोमीटर दूर कमलाबाड़ी के लिए ले जाया गया। कमलाबाड़ी में श्री गांधी एक जनसभा को संबोधित किया।

केंद्र सरकार और उनकी नीतियों पर हमला करते हुए श्री गांधी ने कहा कि- ‘हमारे आदिवासी भाई के खिलाफ अन्याय हो रहा है। आपकी जमीन छिनी जा रही है। आपका जो इतिहास है उसको मिटाया जा रहा है। RSS-BJP की विचारधारा है कि जो कुछ भी आपका है, चाहे वो जल हो, जंगल हो, जमीन हो, वो किसी न किसी बहाने आपके हाथ से खींचने की कोशिश कर रहे हैं। ये सच्चाई है। पूरे देश में सच्चाई है।

बीजेपी चाहती है कि आप जंगल में रहो, आपके बच्चे कॉलेज, यूनिवर्सिटी में न जाएँ, अंग्रेजी न पढ़ें, बिजनेस न चलाएं। हम चाहते हैं कि जो आपका है वो आपको वापस लौटाया जाए। और पूरे हिंदुस्तान में जो आपकी जमीन है, जो आपका हक़ है वो आपको वापस देने की हमने कोशिश की।’

विविधता से संपन्न, संस्कृति एवं कला से धनी और भावना से परिपूर्ण - भारत माता के सौंदर्य का हर रूप निराला है। #BharatJodoNyayYatra

Posted by Rahul Gandhi on Friday, January 19, 2024

इसके बाद श्री गांधी का काफिला औनियाती सत्र (मठ) के दर्शन के लिए गया। श्री श्री औनियाती सत्र भारत के असम में माजुली नदी द्वीप पर स्थित एक सत्र/मठ है, जो एकसारना धर्म के ब्रह्म संघति का पालन करता है। ब्रह्मा संघति, श्रीमंत शंकरदेव द्वारा शुरू किया गया एक सामाजिक-धार्मिक और सांस्कृतिक आंदोलन है। श्री राहुल गांधी ने यहां पर कुछ समय बिताया और उसके बाद न्याय यात्रा का काफिला गरमूर की तरफ रवाना हो गया। गरमूर से यात्रा जेनग्रेमुख गई जहां के राजीव गांधी खेल परिसर में काफिले के लंच की व्यवस्था की गई थी।

राजीव गांधी खेल परिसर में कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य और पार्टी के संचार इन्चार्ज श्री जयराम नरेश और श्री गौरव गोगई ने मीडिया को संबोधित किया। मीडिया को संबोधित करते हुए श्री जयराम रमेश ने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पर तंज करते हुए कहा- ‘जब भी कांग्रेस और राहुल जी की बात होती है तो असम के मुख्यमंत्री अपना मानसिक संतुलन खो देते हैं। असम समाज के हर वर्ग के लोगों ने राहुल जी और भारत जोड़ो न्याय यात्रा का जिस भव्यता से स्वागत किया है उससे मुख्यमंत्री बौखला गए हैं। मैं उनसे सिर्फ यही कहना चाहता हूं कि क्यों डर रहे हैं मुख्यमंत्री जी? किस बात से डरे हुए हैं? डरिए मत मुख्यमंत्री जी। भारत जोड़ो न्याय यात्रा और 6 दिन असम में चलेगी। कोई भी शक्ति इसे रोक नहीं सकती। आप चाहे जितना भी कार्यवाही करो, लोगों को यात्रा में आने से रोको, बदनाम करो, इल्जाम लगाओ, कुछ भी करो, भारत जोड़ो न्याय यात्रा 25 तारीख तक असम में चलेगी। डरो मत हिमंता। भोय नो कोरीबा हेमंतो।’

लंच ब्रेक के बाद श्री राहुल गांधी का काफिला कार में जेनग्रेमुख से 20 किलोमीटर दूर ढकुआखाना के लिए निकला। ढकुआखाना से वापस बस यात्रा शुरू हुई। यहां भी श्री गांधी को देखने के लिए सैंकड़ों लोगों की भीड़ खड़ी थी। श्री गांधी का काफिला उन लोगों से मिलने के लिए रूका। श्री गांधी ने लोगों से हाथ मिलाए, उनके साथ फोटो क्लिक कराई। कांग्रेस नेता से मिलने के लिए लोगों का उत्साह देखने लायक था।

बस यात्रा में श्री गांधी से मिलने के लिए असम के विकास के लिए काम करने वाले कुछ प्रतिनिधिमंडल के लोग भी आए थे। इन्होंने श्री गांधी के साथ बस यात्रा की और इस दौरान अपनी बात रखी। पहला प्रतिनिधिमंडल असम के शिक्षाविदों और पर्यावरणप्रेमियों का एक समूह था। उन्होंने श्री गांधी को असम के पर्यावरण में हो रही क्षति से संबंधित कई तरह के मुश्किलों से अवगत कराया। अरूणाचल प्रदेश में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने बांधों से असम को जो मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का पर्यावरण पर होने वाले प्रतिकूल असर पर भी विस्तार से चर्चा की। साथ ही उन्होंने बताया कि असम में बाढ़ और कटाई से हो रहे नुकसान और उनके समाधान में जमीनी स्तर के लोगों से किसी तरह की बातचीत नहीं की जा रही है। प्रतिनिधिमंडल ने बाढ़ नियंत्रण में सरकार के ठंडे रूख का विरोध जताते हुए पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग भी रखी।

इनके अलावा श्री गांधी से असम के शिक्षाविद और असम की स्वदेशी जनजाति मिसिंग के उत्थान के लिए काम करने वाले लोगों का प्रतिनिधिमंडल भी मिला। इन लोगों ने श्री गांधी से असम की स्वदेशी जनजातियों की कठिनाईयों के बारे में बात की। उनके विकास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए क्या प्रयास किए जाने चाहिए इसके बारे में भी विस्तार से चर्चा की।

वर्तमान में मिसिंग समुदाय की जनसंख्या 7 लाख है और ये मुख्यत: ब्रह्मपुत्र नदी के आसपास रहते हैं। मिसिंग समुदाय के लोग अपनी संस्कृति और स्वायत्ता को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल के लोगों ने श्री गांधी से भारत जोड़ो न्याय यात्रा के मूल मंत्र- आर्थिक न्याय, सामाजिक न्याय और राजनीतिक न्याय के तर्ज पर अपने समुदाय के लिए न्याय की मांग की।

उनकी आर्थिक न्याय की मांग में नदियों का भारी मात्रा में कटाव और अरूणाचल में अंधाधुंध बन रहे बांधों की वजह से माजुली द्वीप को बचाने के लिए साथ मांगा।

सामाजिक न्याय के तौर पर मिसिंग भाषा को विलुप्त होने से बचाने के लिए प्रयास करने और मिसिंग समुदाय के लिए शिक्षा के क्षेत्र में नए दरवाजे खोलेने की गुजारिश की।

राजनीतिक न्याय के तौर पर उन्होंने मिसिंग समुदाय के स्वायत परिषद् की मांग की। श्री गांधी ने उनकी बातों को सुना और हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।

श्री गांधी का कारवां बढ़ता चला जा रहा है और लोग जुड़ते जा रहे हैं। सबसे खास बात ये है कि श्री गांधी किसी से भी मिलने और बात करने में हिचक नहीं रहे हैं। आज श्री गांधी के साथ बस यात्रा में गोगामुख क्षेत्र के ब्लॉक अध्यक्ष ने भी सफर किया। प्रदेश कांग्रेस कमिटि के अध्यक्ष श्री भूपेन कुमार बोरा ने लोगों की कतारों के बीच में से ब्लॉक अध्यक्ष को पहचाना और श्री गांधी को बताया। श्री गांधी द्वारा बस में साथ चलने के आमंत्रण को स्वीकार वे थोड़ी दूर तक काफिले के साथ चले।

शाम को चाय पीने के लिए श्री राहुल गांधी की यात्रा पॉमुआ गांव में मिसिंग समुदाय के मुहीराम पेगु जी के घर पर रूकी। पेगु जी के घर पर श्री गांधी से आसपास की महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों सभी ने अपनी मुश्किलें बताईं। श्री गांधी ने धैर्य से उनकी बातों को सुना। पेगु जी के घर से निकलकर काफिला बालिगांव पहुंचा जहां पर श्री गांधी ने 2 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू की जिसमें हजारों लोग उनके साथ चले। न्याय की उम्मीद में हर कोई श्री गांधी के कदम से कदम मिला रहा है। नए उत्साह के साथ अन्याय की इस लड़ाई में उत्तरपूर्वी राज्यों की जनता श्री गांधी के साथ आ रही है।

फिर आगे बढ़कर न्याया यात्रा का काफिला गोगोमुख शहर में जाकर रूका जहां श्री गांधी ने जनसभा को संबोधित किया। श्री गांधी ने अपने संबोधन में फिर से राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा- हमने नॉर्थ ईस्ट से अपनी यात्रा इसलिए शुरू की क्योंकि हम ये मैसेज देना चाहते हैं कि नॉर्थ ईस्ट हमारे देश का अभिन्न अंग है और उनका इतिहास भी उतना ही जरूरी है। देश में विचारधारा की लड़ाई है। एक तरफ आएसएस बीजेपी और दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी। बीजेपी कहती है कि हिंदुस्तान को दिल्ली से चलाया जाना चाहिए। वो एक नेता, एक भाषा, एक इतिहास चाहते हैं, लेकिन हमारा कहना है कि आपकी भाषा, तमिल भाषा सभी उतने ही जरूरी हैं। असम को दिल्ली से नहीं चलाया जाएगा, असम को असम से ही चलाया जाएगा। आपके सीएम हिंदुस्तान के सबसे भ्रष्ट सीएम हैं। ये बीजेपी के बाकी सीएम को करप्शन करना सीखा सकते हैं। लेकिन ये मत सोचिए कि ये असम के लिए काम करते हैं, इन्हें जो भी दिल्ली से ऑर्डर मिलता है, जो भी नरेंद्र मोदी कहता है उसे सैल्युट मारकर ये पूरा करने में जुट जाते हैं।’

जनसभा को संबोधित करने के बाद न्याय यात्रा रात्रि विश्राम के लिए गोगामुख कॉलोनी की तरफ रवाना हो गई जहां पर न्याय यात्रा के काफिले के रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई थी।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

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