Day 29: मैं जाति जनगणना कराकर रहूंगा- राहुल गांधी

ढाई दिनों के ब्रेक के बाद भारत जोड़ो न्याय यात्रा वापस अपनी ऊर्जा के साथ रायगढ़, छत्तीसगढ़ से शुरू हुई। हालांकि यात्रा सुबह ही शुरू होनी थी लेकिन दिल्ली में खराब मौसम की वजह से कांग्रेस नेता राहुल गांधी का विमान देर से छत्तीसगढ़ पहुंचा। इस देरी की वजह से यात्रा दोपहर के समय ही शुरू हो पाई। आज की यात्रा में श्री गांधी का साथ देने के लिए कांग्रेस के युवा ब्रिगेड के नेता सचिन पायलट भी साथ थे।

महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राहुल गांधी ने यात्रा का आगाज़ किया। हर बार की तरह आज भी यात्रा का पूरा रूट लोगों से खचाखच भरा पड़ा था। हर तरफ लोगों का हुजूम ही हुजूम नजर आ रहा था।

थोड़ी दूर जाने के बाद श्री गांधी ने जनता को संबोधित किया। एक बार फिर श्री गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला किया। इस बार श्री गांधी ने उन्हें सुनने आए कुछ छोटे बच्चों को जीप पर बुलाया और उनसे कुछ सवाल किए। श्री गांधी ने उन बच्चों से पूछा आपको कैसा देश चाहिए, नफरत भरा या फिर मोहब्बत भरा, अन्याय करने वाला या फिर न्याय करने वाला? बच्चों ने मासूमियत से अपने जवाब दिए उसके बाद श्री गांधी ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा के पांच न्याय के सिद्धांत को लोगों को समझाया।

जनता को संबोधित करते हुए श्री गांधी ने एक बार फिर से जातिगत जनगणना की मांग की और कहा- ‘चाहे कुछ भी हो जाए हिंदुस्तान के सबसे क्रांतिकारी कदम जातिगत जनगणना को मैं करा कर रहूंगा। इसके बाद हिंदुस्तान की राजनीति हमेशा के लिए बदल जाएगी। इसके बाद गरीबों, पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों सभी को अपनी हिस्सेदारी का पता लग जाएगा। ये अन्याय हो रहा है उस दिन के बाद पूरे देश को पता लग जाएगा कि हिंदुस्तान के सिर्फ दो प्रतिशत लोग 98 प्रतिशत लोगों पर राज कर रहे हैं।’

आज की यात्रा में लंच ब्रेक न लेकर श्री गांधी और न्याय यात्रा की पूरी टीम ने सुबह हुई देरी की भारपाई की। राजपरा चौक से अग्रसेन चौक, सक्ती तक न्याय यात्रा का रोड शो चला। यहां भी हजारों लोगों की भीड़ श्री गांधी और न्याय यात्रा का इंतजार कर रही थी। कांग्रेस नेता ने यहां मौजूद जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा- ‘मोदी जी, बीजेपी और आरएसएस के लोग जातिगत जनगणना को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। मीडिया और बीजेपी आपका ध्यान पाकिस्तान, चीन, ऐश्वर्या राय, क्रिकेट का नाम लेकर भटकाते हैं। लेकिन इस देश की आम जनता का ध्यान इन सब चीजों से नहीं भटकना चाहिए। उन्हें रोज सुबह उठकर सरकार से ये सवाल पूछना चाहिए कि मैं किसान हूं मुझे देश का कितना धन मिल रहा है, मैं छोटा व्यापारी हूं तो कितना मिला, मैं युवा हूं तो कितना मिला, यही रोज पूछते जाइए। यही सबसे बड़ा सवाल है।’

इसके बाद रात्रि विश्राम के लिए यात्रा कोरबा की तरफ निकल पड़ी।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

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