Day 23: 50% आरक्षण की लिमिट हम खत्म करेंगे

भारत जोड़ो न्याय यात्रा का तेइसवां दिन, भगवान बिरसा मुंडा के पावन धरती से धमाके के साथ शुरू हुआ। हर रोज की तरह हजारों लोगों का काफिला, अन्याय पर न्याय की जीत के लिए गांधी चौक, रामगढ़ से प्रदेश की राजधानी रांची की तरफ निकल पड़ा। रास्ते में चुटुपालू घाटी स्थित शहादत स्थल पर काफिला रूका। यहां पर श्री गांधी ने शहीद शेख भिखारी और टिकैत उमराव सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीद शेख भिखारी और टिकैत उमराव सिंह दोनों ही भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के पुरोधा रहे हैं। 1857 की क्रांति में इन दोनों वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। लोगों के अधिकारों और देश की स्वतंत्रता के लिए इन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी की सेनाओं का डटकर मुक़ाबला किया था। 8 जनवरी 1858 को चुटुपालू घाटी में इसी शहादत स्थल पर अंग्रेजों द्वारा उन्हें फांसी दी गई थी।

अभी यात्रा थोड़ी दूर बढ़ी ही थी कि सड़क किनारे दो युवा मजदूर, साइकिल पर कोयले को ढोकर ले जाते दिखे। श्री गांधी रुके और उन युवकों से बात की। उनकी परेशानियों के बारे में जाना। युवकों ने श्री गांधी को अपनी रोज़ाना की कमाई के बारे में बताया। साथ ही ये भी बताया कि साइकिल पर लदे कोयले की उन बोरियों का वज़न लगभग 200 किलो है जिसे लेकर वो 30 से 40 किलोमीटर रोजाना का सफर करते हैं। इन बोरियों में भरे कोयले को ये बाजार में जाकर बेचते हैं जिससे इनका घर चलता है। श्री गांधी उनके अनुभव को समझ सकें इसलिए उन्होंने खुद भी थोड़ी दूर तक साइकिल को धक्का देकर चलाया।

इसके बाद एक स्थानीय ढाबे पर ‘लोकतंत्र बचाओ ग्रुप’ और कुछ और संगठनों के प्रतिनिधि श्री गांधी से मिले। उन्होंने श्री गांधी से बेरोजगारी, सांप्रदायिक हिंसा और देश में लोकतंत्र की गिरती स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा की। इंदिरा गांधी हथकरघा केंद्र, ओरमांझी में श्री गांधी हथकरघा बुनकरों से मिले। बुनकरों ने श्री गांधी से GST आने के बाद हो रही दिक्कतों और हथकरघा उद्योग के प्रति बाजार के उदासीन रवैये पर चर्चा की।

रांची के शहीद मैदान में न्याय यात्रा की महा जनसभा का आयोजन किया गया था। जनसभा में जाने के पहले श्री गांधी झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की पत्नी श्रीमति कल्पना मुर्मू सोरेन से उनके आवास पर मिलने गए। केंद्र सरकार की अनैतिक नीति के खिलाफ कांग्रेस और झामुमो डटकर लड़ेगी और श्री सोरेन जल्द ही फर्जी आरोपों से बरी हो जाएंगे इस बात का विश्वास श्रीमति सोरने को दिया।

शहीद मैदान में लाखों लोग श्री गांधी का इंतजार कर रहे थे। ये सभी कांग्रेस नेता को सुनने के लिए आए थे। जनसभा को संबोधित करते हुए श्री गांधी ने केंद्र सरकार पर सरकारी कंपनियों के निजीकरण के खिलाफ जमकर हमला बोला। जनसभा में आए HEC (हैवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन लि.) और ऐसे सभी पब्लिक सेक्टर के लोगों के ऊपर लटकी निजीकरण की तलवार का जिक्र उन्होंने किया।

श्री गांधी ने कहा- ‘आप अन्याय शब्द को बहुत अच्छी तरह समझते हैं, क्योंकि आपके खिलाफ अन्याय किया जा रहा है, ये पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज है, नरेंद्र मोदी जी और उनकी सरकार इसका अहिस्ता-अहिस्ता गला घोंट रहे हैं। क्योंकि सरकार और बीजेपी चाहती है कि एचईसी काम ना करे और एचईसी फैक्ट्री का नाम बदलकर अडानी नाम का नेमप्लेट इसके ऊपर लगा दिया जाए। इसको प्राइवेटाइज कर दिया जाए। जहां भी मैं जाता हूं, वहां पर ऐसे किसी ना किसी पब्लिक सेक्टर यूनिट के लोग बैनर लिए, पोस्टर लिए, झंडा लिए खड़े दिखते हैं। बीएचईएल, एचएएल, एचईसी, क्योंकि मोदी सरकार सारे के सारे पब्लिक सेक्टर यूनिट्स को आहिस्ता-आहिस्ता मारकर एक ही नेम प्लेट लगाना चाहती है। यहां जो काम करते हैं, जिन्होंने इनमें सालों से अपना खून, अपना पसीना दिया है, उन सबको ये बेरोजगार बनाना चाहते हैं और याद रखिए एचईसी वाले लोग, कांग्रेस पार्टी ये नहीं होने देगी।’

श्री गांधी इतने पर ही नहीं रूके। उन्होंने देश में जातिगत जनगणना की मांग और उसकी जरूरत पर फिर से जोर दिया। इतना ही नहीं आरक्षण के मुद्दे पर श्री गांधी ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा- ‘आज-कल 50 परसेंट से ज्‍यादा रिजर्वेशन नहीं मिल सकता। ये जो 50 परसेंट की लिमिट है, इसको कांग्रेस पार्टी की सरकार, इंडिया की सरकार उठाकर फेंक देगी और हम जो दलित हैं, आदिवासी भाई हैं, उनके रिजर्वेशन में कोई कमी नहीं आएगी, मैं आपको गारंटी देकर कह रहा हूं और जो पिछड़ों का हक बनता है, वो उनको मिलेगा।’

जनता ने श्री गांधी के इस धमाकेदार भाषण का भरपूर समर्थन किया। झारखंड की जनता केंद्र सरकार की दमनात्मक नीति से क्षुब्ध नजर आई। श्री गांधी ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अनैतिक गिरफ्तारी पर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा- ‘यहां पर आपकी सरकार को ये क्‍यों हटाए क्‍योंकि ये इस बात को एक्‍सेप्‍ट नहीं कर सकते हैं कि झारखंड में आदिवासी मुख्‍यमंत्री है। कांग्रेस पार्टी, जेएमएम, सब मिलकर, इनके सामने खड़े हो गए और सरकार को बचा लिया।’

इतना ही नहीं श्री गांधी ने केंद्र द्वारा ED, CBI जैसी संस्थाओं का प्रयोग विपक्ष को डराने के लिए करने पर भी सरकार को ललकारा और कहा- ‘जहां भी उनको चांस मिले, ये सीबीआई, ईडी का प्रयोग करके, इन्कम टैक्‍स का प्रयोग करके या पैसा देकर यही काम करते हैं। लोकतंत्र पर ये आक्रमण कर रहे हैं, संविधान पर ये आक्रमण कर रहे हैं। क्‍योंकि ये जनता की आवाज को दबाना चाहते हैं और कांग्रेस पार्टी, हमारा गठबंधन, इंडिया गठबंधन, लोकतंत्र की जो आवाज है उसको कभी नहीं दबने देगा।’

इस जनसभा को संबोधित करने के बाद श्री गांधी और भारत जोड़ो न्याय यात्रा रात्रि विश्राम के लिए कचहरी मैदान की ओर निकल गई।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

शेयर करें

एक टिप्पणी छोड़ें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *