Day 22: पब्लिक सेक्टर जनता का है, मोदी जी का नहीं

भारत जोड़ो न्याय यात्रा धनबाद के गोविंदपुर मोड़ से शुरू हुई। यात्रा की शुरूआत से ही हजारों लोगों की भीड़ साथ चलने लगी थी। हर तरफ राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे, साथ में न्याय यात्रा का मूल मंत्र ‘डरो मत, सहो मत’, ‘न्याय का हक़, मिलने तक’ के नारे सुनाई दे रहे थे। पूरा माहौल उत्साह से लबरेज था। यात्रा शुरू हुई नहीं थी कि तुरंत रोकने पड़ी। इसके पीछे एक बहुत ही मासूम कारण था। कुछ बच्चे भारत जोड़ो न्याय यात्रा में अपना योगदान देने के लिए अपने गुल्लक लेकर आए थे। अपने गुल्लक की जमापूंजी वो न्याय यात्रा के लिए दान करना चाहते थे।

उन मासूमों से बात करके, उनके प्यार को अपने साथ लेकर यात्रा आगे बढ़ी। बैंक मोड़ पर पहुंचकर श्री गांधी ने वहां मौजूद हजारों लोगों को संबोधित किया। लोगों में श्री गांधी को सुनने की बेचैनी साफ देखी जा सकती थी। पूरी सड़क लोगों से खचाखच भरी हुई थी।

श्री गांधी ने यहां मौजूद जनता को संबोधित करते हुए कहा कि- GST और नोटबंदी के कारण जो बेरोजगारी फैली है, जो नरेंद्र मोदी जी ने, बीजेपी ने युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है, उसके खिलाफ ये यात्रा है। पब्लिक सेक्टर से पिछड़ों, अनुसूचित जातियों, आदिवासियों को रोजगार मिलता था, उन सबको प्राइवेटाइज किया जा रहा है। ये पब्लिक सेक्टर यूनिट हिंदुस्तान की जनता की प्रॉपर्टी है। शायद जल्दी ही झारखंड में स्टील की इंडस्ट्री है, ये भी मोदी जी अपने दो-तीन मित्रों को पकड़ा देंगे, तो इसके खिलाफ हम खड़े हैं।’

साथ ही झारखंड के आदिवासी भाईयों के अधिकारों को लेकर श्री गांधी ने कहा- ‘जो हमारे आदिवासी भाई हैं, उनका जल, उनका जंगल और उनकी जमीन की रक्षा कांग्रेस पार्टी करती है और करती रहेगी। आपको शिक्षा, आपके स्वास्थ्य और आपके रोजगार के लिए हम 24 घंटे काम करेंगे और इन चीजों को आपको दिलवा कर दिखाएंगे।’

इस संबोधन के बाद कुछ स्थानीय लोग श्री गांधी से मिलने आए। ये सभी हरिजन थे और कोयला खदान में प्राइवेट काम करके अपना गुजारा करते हैं। इन्होंने श्री गांधी से अपनी मुश्किलें बताईं। ये गोधर काली बस्ती के लोग थे जो खदानों के कोयलों को बेच कर अपना घर चलाते हैं। केंद्र सरकार की तरफ से इन्हें किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं दी गई। न तो गैस सिलेंडर मिला है, न ही जनधन अकाउंट के तहत पैसे मिले हैं। केंद्र सरकार के हवाई वादों की सच्चाई इन मजदूरों की बात से सामने आती है। न तो इनके पास नौकरी का कोई जुगाड़ है और न ही जीवनयापन के लिए सम्मानजनक काम का प्रबंध।

दोपहर के भोजन के लिए न्याय यात्रा, झारखंड टूरिज्म द्वारा संचालित ‘ज़ायका’ रेस्टोरेंट में रूकी। लंच के दौरान कांग्रेस महासचिव श्री जयराम रमेश और युवा नेता श्री कन्हैया कुमार ने संवाददाताओं को संबोधित किया। प्रेस से बात करते हुए श्री रमेश ने केंद्र सरकार की कथनी और करनी के फर्क को आंकड़ों के आधार पर जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा- ‘अप्रैल और दिसंबर 2023 के बीच में, इस वित्तीय वर्ष के पहले 9 महीने में, इस्‍पात का आयात 60 लाख टन हुआ है। ये पिछले 5-6 सालों में नहीं देखा गया है और ये 60 लाख टन जो आयात हुआ है, इसमें से क़रीब एक-तिहाई चीन से आया है। ये हमारे देश में जो इस्‍पात बनाते हैं पब्लिक सेक्‍टर में, प्राईवेट सेक्‍टर में, टाटा एक मिसाल है झारखंड में, इन पर घोर अन्‍याय है।’

साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि- ‘छोटे और लघु उद्योग बंद पड़े हुए हैं, 80 प्रतिशत जो छोटे और लघु उद्योग स्‍टेनलेस स्‍टील के होते हैं, वो गुजरात में हैं और उसमें से 35 % लघु और छोटे उद्योग बंद पड़े हुए हैं, क्‍योंकि सस्‍ता माल चीन से आ रहा है। एक तरफ़ आत्मनिर्भर- आत्मनिर्भर कहते हैं और दूसरी तरफ़ चीन से सस्‍ता माल जो आता है, उस पर कोई रोक नहीं लगाई जाती।’

लंच ब्रेक के बाद जैना मोड़, बोकारो से यात्रा रामगढ़ के लिए निकली। रामगढ़ भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई की दृष्टि से महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक महत्व वाला शहर है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 1940 में झारखंड की राजधानी रांची से 40 किलोमीटर दूर इस रामगढ़ शहर में कांग्रेस का वार्षिक अधिवेशन हुआ था। मौलाना अबुल कलाम आजाद की अध्यक्षता में हुए इस रामगढ़ अधिवेशन में महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ. श्रीकृष्ण सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद के साथ-साथ देश के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। जिस जगह पर कांग्रेस का अधिवेशन हुआ था वो जगह अब सिख रेजीमेंट की छावनी के अंदर चली गई है। लेकिन अधिवेशन स्थल पर अभी भी एक स्मारक प्रतीक के रूप में बना हुआ है।

शाम के ब्रेक के लिए यात्रा गोला डीवीसी रोड पर रूकी और यहां से निकलने से पहले श्री गांधी ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। श्री गांधी ने आज अपनी बात तो रखी ही, साथ में मोदी सरकार की अनैतिक नीतियों के एक पीड़ित को सीधा जनता से संवाद करने के लिए आमंत्रित कर लिया। उन्होंने कार पर ‘झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन’ के जेनरल सेक्रेटरी डी सी गोहाईं जी को जनता के सामने अपनी परेशानियां बताने के लिए बुलाया। ठेके पर काम करने वाले मजदूरों का दर्द उपस्थित लोगों के सामने रखने के लिए माइक पकड़ा दी। उन्होंने ठेके पर काम करने वाले मजदूरों की परेशानियां, केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे झूठे वादे और ठेके पर काम करने वाले मजदूरों के जीवनयापन में आने वाली कठिनाइयों को बयान किया।

इस संबोधन के बाद यात्रा के रात्रि विश्राम के लिए कैंपसाइट की ओर चले गया। आज का इंतजाम रामगढ़ में ही था।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

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