Day 2: न्याय का हक़, मिलने तक

कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी ने सुबह 8 बजे वापस यात्रा शुरू की। पश्चिमी इंफाल के सेमई से ये यात्रा शुरू होकर नगालैंड जानी थी। यात्रा सुबह सेमई से कारोंग के लिए निकल पड़ी। रास्ते में लोग खड़े रहते, हाथ हिलाकर श्री राहुल गांधी और उनके काफिले का अभिवादन करते। श्री गांधी भी लोगों के इस प्यार और सम्मान का अभिवादन से जवाब देते। लोगों से ठहरकर मिलते, बात करते।

सुबह 9.30 बजे यात्रा कांगपोकपी के ब्रिगेडियर थॉमस ग्राउंड में रूकी। यहां श्री गांधी ने उपस्थित जनता को बस से ही संबोधित किया और लोगों को बताया कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा का मकसद क्या है। आखिर क्यों कांग्रेस पार्टी ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा के लिए मणिपुर को ही चुना। मणिपुर में हो रहे अत्याचार, लोगों के दुख और पीड़ा में कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी पीड़ित जनता के साथ हैं। रास्ते में श्री राहुल गांधी जगह जगह रूक कर लोगों से तो बात कर ही रहे हैं, साथ ही वो मणिपुर में काम करने वाले सामाजिक संगठन के लोगों से भी मिल रहे हैं। पिछले साल मई के महीने से लगातार चल रही हिंसा की जमीनी हकीकत से भारत की जनता को रूबरू करा रहे हैं।

श्री राहुल गांधी इंफाल के बाद कांगपोकपी में भी विभिन्न समुदायों के लोगों से मिले। उनसे बात की। उन लोगों ने श्री राहुल गांधी को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें उनसे मणिपुर के लोगों पर हो रहे अत्याचार के मुद्दे को संसद में उठाने का निवेदन किया गया है। ज्ञापन में एक संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह सरकार की मांग की गई है। सभी समुदाय के लोगों की मांग है कि श्री राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी संसद के बजट सत्र के दौरान मणिपुर के मुद्दे को उठाए। साथ ही लोकसभा चुनावों के पहले प्रधानमंत्री के मणिपुर दौरे की मांग भी की।

श्री राहुल गांधी ने रास्ते में कई जगह बस को रोककर लोगों की बातें सुनी। राहत शिविरों में रह रहे लोगों ने बताया कि राज्य में हुई हिंसा के बाद से सरकार की तरफ से उन्हें किसी तरह की कोई राहत नहीं मिली है। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और राहुल गांधी की एक झलक पाने के लिए बेताब जनता के साथ श्री राहुल गांधी ने कुछ दूर तक पदयात्रा भी की।

कैंप साइट से 42 किलोमीटर दूर उत्तरी इंफाल के सेनापति जिले में श्री राहुल गांधी ने बस पर खड़े होकर लोगों को संबोधित किया। श्री राहुल गांधी ने कहा- ‘पिछले साल मैंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा की थी। वो यात्रा सफल रही थी। इस बार हम पूर्व से पश्चिम तक की यात्रा करना चाहते थे। मणिपुर के लोग पिछले साल मई के महीने से जो त्रासदी झेल रहे हैं, उसको देखते हुए न्याय यात्रा को शुरू करने के लिए मणिपुर से बेहतर कोई और जगह हो ही नहीं सकती थी। इस बार हमारे पास समय की कमी है इसलिए ये यात्रा का अधिकांश भाग हमें बस से कवर करना पड़ रहा है। लोकसभा चुनावों के कारण हमें अपनी पैदल यात्रा मे ये संशोधन करना पड़ा है। लेकिन मैं पैदल यात्रा ही करना चाहता था। पर मजबूरी है।’

श्री राहुल गांधी ने आगे कहा कि- ‘मुझे पता है कि आपके साथ कितना बड़ा हादसा हुआ है। आपलोगों ने अपने परिवारजनों को खोया है, संपत्तियां गंवा दी हैं। आपका सबकुछ बर्बाद हो गया है। ऐसे में हम आपको बताना चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी आपके साथ खड़ी है। हम मणिपुर में शांति और सौहार्द के वातावरण को वापस लाना चाहते हैं। मैं यहां के प्रतिनिधिमंडल के लोगों से मिल रहा हूं। उनलोगों से बात कर रहा हूं। वो उन मुद्दों के बारे में बता रहे हैं जिसका आप रोज़ सामना कर रहे हैं। आपकी परेशानियों के बारे में सुन रहा हूं।’

सेनापति में श्री राहुल गांधी कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से मिले। मणिपुर क्रिच्शियन ऑर्गेनाइजेशन की महिला प्रतिनिधिमंडल ने मणिपुर में महिलाओं एवं सामान्य जनजीवन के दयनीय हालत को बयान किया। उन्होंने बताया कि कैसे रोजमर्रा के जीवन में मणिपुर वासियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद नागा महिला संघ और यूनाइटेड नागा फ्रंट के प्रतिनिधिमंडल ने भी श्री राहुल गांधी से मुलाकात की और अपनी समस्या के बारे में बताया।

लंच के समय सेनापति में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ जिसमें कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। एआईसीसी के एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार ने कहा कि यात्रा को चुनाव के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। “प्रधानमंत्री ने चुनाव जीता है। उनके पास प्लेन, बुलेटप्रूफ कारें, 10 लाख रुपये का सूट, एसपीजी है। वह मणिपुर क्यों नहीं आ रहे हैं? वह सुरक्षा मुद्दों के कारण नहीं, बल्कि वोट अंकगणित के कारण मणिपुर नहीं आ रहे हैं।”

शाम के चाय ब्रेक के दौरान मणिपुर की इन प्यारी बच्चियों से काफी मीठी बातें हुईं।

Posted by Rahul Gandhi on Monday, January 15, 2024

कारोंग ग्राउंड में श्री राहुल गांधी का काफिला लंच ब्रेक के लिए रूका था। लंच के बाद यात्रा काफिला माओ गेट के लिए निकला। रास्ते में शाम की चाय के लिए श्री राहुल गांधी ने बस को एक छोटे से चाय की दुकान पर रूकवाया। यहां उन्होनें तीन छोटी बच्चियों के साथ चाय और चिप्स का लुत्फ उठाया। बच्चों के भोले सवालों का जवाब दिया और उनसे कुछ हंसी ठिठोली की। बच्चियों के माता पिता के साथ भी श्री राहुल गांधी ने बातचीत की। लोगों ने श्री राहुल गांधी को पारंपरिक वस्त्र भी उपहार में दिए। कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने अपने पारंपरिक नृत्य कौशल का भी प्रदर्शन किया।

चाय ब्रेक के बाद काफिला नगालैंड की सीमा के लिए निकल पड़ा। नगालैंड के खुज़मा ग्राउंड स्थित कैंप में न्याय यात्रा रात्रि विश्राम के लिए रूकेगी। यहां पहुंचने पर भी सैंकड़ों लोगों का जमावड़ा उनका इंतजार कर रहा था। राष्ट्रीय ध्वज और राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे के साथ लोगों ने श्री राहुल गांधी का स्वागत किया।

यहां पहुंचने के बाद श्री राहुल गांधी से नागा होहो जनजाति के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की। नागा होहो सभी नागा जनजातियों का एक संघ है जो नागा समुदाय के विकास के लिए काम करता है। नागा होहो संगठन किसी प्रकार की कोई राजनीतिक या सरकारी संस्था नहीं है, न ही यह बाकी गैर सरकारी संगठनों (NGO) और सामाजिक संगठनों की तरह है। लेकिन फिर भी यह नागा लोगों की पारंपरिक व्यवस्था के तहत नागाओं की एक जनजाति आधारित शीर्ष संस्था है।

उन्होंने श्री राहुल गांधी को भारत सरकार और NCSN-IM के बीच 3 अगस्त 2015 को हुए समझौते को भारत सरकार द्वारा पूरा न किए जाने की बात बताई। इस संदर्भ में उन्होंने कांग्रेस नेता को एक ज्ञापन भी सौंपा। होहो संगठन के नेताओं का कहना था कि- 2015 में पीएम और भारत सरकार ने इस समझौते को भारत सरकार की सफलता और नागा समुदाय के लोगों की समस्याओं के समाधान रूप में पेश किया था। लेकिन नौ साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने अपने वायदे को पूरा नहीं किया है। होहो प्रतिनिधिमंडल के लोगों ने श्री राहुल गांधी से इस मुद्दे को संसद में उठाने की अपील भी की।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

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