Day 12: इंडिया गठबंधन, BJP-RSS के खिलाफ खड़ा है

भारत जोड़ो न्याय यात्रा असम में अपने सात दिन के सफर को खत्म करके बंगाल की सीमा में प्रवेश कर गई। आज बारहवें दिन न्याय यात्रा धुबरी जिले के गोलकगंज, चारियाली से शुरू हुई। यात्रा की शुरूआत कैंप साइट पर असम सेवा दल के साथ साथ कई स्थानीय नेताओं के साथ फोटो खिंचवाने के साथ हुई। इसके बाद भारी भीड़ के साथ बस यात्रा अपने अगले पड़ाव की ओर निकल पड़ी। रास्ते में भी लोगों का तांता श्री गांधी का इंतजार कर रहा था। न्याय यात्रा की बस जगह-जगह लोगों से श्री गांधी की मुलाकात कराने के लिए रूकी। कई लोगों ने बस पर चढ़कर कांग्रेस नेता के साथ फोटो खिंचवाई। इसके अलावा कई विधायक श्री गांधी के साथ फोटो खिंचवाने के लिए आगे आए।

यात्रा के दौरान हलाकुरा ग्राम पंचायत के ऑफिस के बाहर सैंकड़ों महिलाओं की भीड़ श्री गांधी का इंतजार कर रही थी। श्री गांधी बस से उतरे, उन सभी के साथ बातें की और उनके आग्रह पर फोटो भी खिंचवाई। थोड़ा आगे चलकर एक स्थानीय चाय दुकान पर काफिला फिर से रूका। यहां श्री गांधी ने विधायकों और नेताओं से बातचीत की। असम में व्याप्त बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, NRC, किसानों और श्रमिकों की समस्या के बारे में विस्तार से जाना।

इसके अलावा श्री गांधी ने ऑल असम कोच राजबोंगशी छात्र संघ (AKRSU) के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। छात्र संघ के लोगों ने श्री गांधी के सामने अपनी मांगे रखी। कोच राजबोंगशी लोगों को अभी ओबीसी का दर्जा प्राप्त है। ये अपने लिए एसटी स्टेटस की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं। दस साल पहले जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इलाके दौरा किया था तो उन्हें छह महीने में एसटी स्टेटस देने का वायदा करके गए थे। लेकिन दस साल बीत जाने के बाद भी स्टेटस मिलने की बात तो दूर, कोई उन्हें इस बारे में कुछ बताने को भी तैयार नहीं है। श्री गांधी ने उनकी बातें सुनी और उन्हें आश्वस्त किया कि राष्ट्रीय स्तर पर जातिय जनगणना उनकी आबादी और सामाजिक आर्थिक स्थिति को स्पष्ट रूप से निर्धारित कर देगी, जिससे उनकी मांग को और मजबूती मिलेगी।

दोपहर के करीब, भारत जोड़ो न्याय यात्रा का काफिला असम-पश्चिम बंगाल की सीमा पर पहुंचा। कूचबिहार में न्याय यात्रा की बस के प्रवेश करने के रास्ते में सैंकड़ों लोगों की भीड़ सड़क के दोनों ओर स्वागत के लिए खड़ी थी। ये सभी श्री गांधी की झलक देखने और न्याय यात्रा के जरिए न्याय की उम्मीद में खड़े थे। कूचबिहार में असम कांग्रेस कमेटी द्वारा पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी को राष्ट्रीय ध्वज हस्तांतरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी के तहत असम कांग्रेस के अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष को ध्वज दिया और भारत जोड़ो न्याय यात्रा के बंगाल में प्रवेश करने की घोषणा हो गई।

इस मौके पर श्री गांधी ने उपस्थित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि- ‘असम से आज हम पश्चिम बंगाल में घुस रहे हैं। पश्चिम बंगाल में आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। आप सभी का मैं बहुत धन्यवाद करता हूं कि आपने इतने प्यार से मेरा स्वागत किया। बीजेपी और आरएसएस देश में अन्याय फैला रहे हैं इसलिए इंडिया गठबंधन एक साथ अन्याय के खिलाफ लड़ने जा रहा है।’

यहां से न्याय यात्रा का काफिला फालाकाटा अलीपुरद्वार की तरफ चल पड़ा जहां काफिले के रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई थी। रास्ते में श्री गांधी ने दो स्थानीय पत्रकारों से बातचीत की और सवालों के जवाब दिए।

26, 27 जनवरी को भारत जोड़ो न्याय यात्रा को विराम दिया गया है। इसके बाद 28 जनवरी से यात्रा वापस शुरू होगी।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

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