Day 10: पांच न्याय- युवा, किसान, नारी, श्रमिक, भागीदारी

The tenth day of the Bharat Jodo Nyay Yatra marked another episode of the journey’s resilience. Overcoming the challenges of the previous day, the Yatra resumed its course. In the morning, Rahul Gandhi started the day with a meeting with members of the North East Coordination Committee (NECC). NECC shared concerns about the crisis faced by the states in the Northeast with Mr. Gandhi.

NECC से मीटिंग के बाद जोराबाट में श्री गांधी का USTM विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ बातचीत का प्रोग्राम था। लेकिन असम की सरकार, भारत जोड़ो न्याय यात्रा और श्री राहुल गांधी के न्याय की इस लड़ाई में हर तरह से मुश्किलें खड़ी करने की कोशिश कर रही है। इस बार विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट को आदेश दिया गया कि राहुल गांधी को छात्रों से मिलने न दिया जाए। लेकिन न्याय यात्रा ने युवाओं और महिलाओं में भरोसे की इसी अलख को जगाया है कि अन्याय को बर्दाश्त न किया जाए, उसके खिलाफ संघर्ष किया जाए। विश्वविद्यालय के सैंकड़ों छात्र विश्वविद्यालय कैंपस से बाहर निकल आए।

वहां पर श्री गांधी ने छात्रों को संबोधित किया और कहा- ‘मैं यहां आपसे गले मिलने आया, आपकी बात सुनने आया, आपके सपने के बारे में सुनने आया। हिंदुस्तान के होम मिनिस्टर ने असम के चीफ मिनिस्टर को कहा कि राहुल गांधी छात्रों से नहीं मिल सकता है। हिमंतो जी ने यहां के लीडरशीप को फोन लगाया और कहा कि राहुल गांधी असम के छात्रों से नहीं मिल सकता। इसलिए मैं यहां नहीं आ पाया। मैं सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं कि असम के छात्रों को गुलाम बनाने की कोशिश की जा रहा है। वो चाहते हैं कि आप सोचो मत। आप सपने मत देखो। आपको जो ऊपर से बताया जा रहा है वो सुन लो। आप हिंदुस्तान के भविष्य हो, अगर आपने सोचना बंद कर दिया, अगर आपने सपना देखना बंद कर दिया तो हिंदुस्तान खत्म हो जाएगा।’

इसके बाद सिविल सोसाइटी के लोगों ने श्री गांधी से मुलाकात की। उन्हें अपनी मुश्किलों के बारे में बताया। इस मीटिंग के बाद भारत जोड़ो न्याय यात्रा गुवाहाटी जाने के लिए निकल पड़ी। और यहां पर असम की सरकार ने अपना हिटलरशाही रवैया दिखाया। श्री राहुल गांधी और भारत जोड़ो न्याय यात्रा के काफिले को असम सरकार के कहने पर गुवाहाटी शहर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। शहर के बाहरी सीमा पर बैरिकेड लगा दिए गए। 5000 से ज्यादा लोगों के हुजूम के साथ चल रहा श्री गांधी का काफिला अपने ही देश में, अपने ही देश की सीमा में, अपने ही लोगों से मिल नहीं सकता। इतना ही नहीं असम पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ता और NSUI के सदस्यों पर लाठीचार्ज भी किया।

यात्रा को रोकने के बाद श्री गांधी ने बस से उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा- ‘इसी रास्ते से बजरंग दल की रैली निकली, नड्डा जी की रैली निकली, मगर कांग्रेस पार्टी की पदयात्रा को यहां पर ये लोग रोक रहे हैं। यहां बैरिकेड था जिसे हमने हवा में उड़ाकर फेंक दिया। लेकिन हम कानून नहीं तोड़ेंगे। असम के चीफ मिनिस्टर, देश के पीएम और होम मिनिस्टर कानून को तोड़ सकते हैं, लेकिन कांग्रेस का कार्यकर्ता कानून नहीं तोड़ेगा। मगर आप ये मत सोचिए कि हम कमजोर हैं क्योंकि हमने आपका बैरिकेड उधर फेंक दिया। ये कांग्रेस कार्यकर्ता की शक्ति है। कांग्रेस के कार्यकर्ता बब्बर शेर हैं।’

मौके पर मौजूद पुलिसवालों की मुश्किलों को भी श्री गांधी ने समझा और उनसे दो शब्द कहे- ‘यहां पर जो पुलिस के अफसर खड़े हैं, हम जानते हैं कि आपको अपना काम करना है। आपकी गलती नहीं है। आपलोगों को ऑर्डर मानना है। आपने अच्छा काम किया। एक आदमी यहां आया और बस के सामने लेट गया। मगर आप एक बात याद रखो, असम में न्याय होना चाहिए, असम में अन्याय नहीं होना चाहिए। हम यहां आपसे लड़ने नहीं आए हैं। हम आपसे प्यार करते हैं। हम जो आपके ऊपर मालिक बैठे हैं, जो असम में चोरी कर रहे हैं, असम के सबसे भ्रष्ट चीफ मिनिस्टर। मैं जानता हूं आप ताली नहीं बजा सकते। गलती से भी मत बजा देना। मगर आपके दिल में जो है मैं समझता हूं।’

नफरत के बाज़ार में मुहब्बत की बात करने का असर ये हुआ है कि हिमन्त सरकार ने कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के सारथी श्री राहुल गांधी पर गुवाहाटी में लोगों को भड़काने और शांति व्यवस्था खराब करने के नाम पर FIR दर्ज करा दी है। खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे का इससे बेहतर उदाहरण और कुछ नहींं हो सकता है।

इसके बाद असम के कामरुप में लंच ब्रेक के दौरान श्री राहुल गांधी ने प्रेस को संबोधित किया। श्री गांधी ने न्याय यात्रा पांच स्तम्भों के बारे में बताया। श्री गांधी ने कहा- ‘न्याय यात्रा के पीछे न्याय का आइडिया है। और उसमें हमारे पांच न्याय के स्तम्भ हैं जो देश को शक्ति देंगे-

    • युवा न्याय
    • भागीदारी न्याय
    • नारी न्याय 
    • किसान न्याय
    • श्रमिक के लिए न्याय

इन स्तम्भों के लिए कांग्रेस पार्टी एक प्रोग्राम आपके सामने कांग्रेस पार्टी अगले डेढ़ महीने में आपके सामने रखेगी।’

इसके अलावा उन्होंने प्रेस के सवालों का जवाब भी दिया। आज गुवाहाटी में अपनी पदयात्रा के रोके जाने पर किए गए सवाल के जवाब में श्री गांधी ने कहा- ‘असम के सीएम जो यात्रा के खिलाफ कर रहे हैं उससे यात्रा को फायदा हो रहा है। इतनी पब्लिसिटी शायद हमें नहीं मिलती, लेकिन असम के सीएम और शायद उनके पीछे अमित शाह हमारी मदद कर रहे हैं। यात्रा आज असम में मुख्य मुद्दा बन गया है। मंदिर नहीं जाने देना या फिर गुवाहाटी की पदयात्रा को रूकवाकर ये हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। बल्कि हमारे न्याय का मैसेज, गांव गांव में जा रहा है। क्योंकि जनता अब खुद पूछ रही है कि राहुल गांधी को छात्रों से नहीं मिलने दिया जा रहा है ऐसा क्यों हो रहा है।’

लंच के पश्चात भारत जोड़ो न्याय यात्रा फिर से निकल पड़ी। कुकरापार, बारपेटा में श्री गांधी ने पदयात्रा भी की, जिसमें फिर से सैंकड़ों लोग उनके साथ थे। दो प्रतिनिधिमंडल भी श्री गांधी से मिले। NRL डंपिंग ग्राउण्ड से प्रभावित लोगों ने श्री गांधी को ज्ञापन सौंपा और NRC की वजह से जिन लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ा उनके लिए काम करने वाले प्रतिनिधिमंडल ने अपनी समस्या बताई।

रात्रि कैंप जाने से पहले श्री गांधी ने जनसभा को संबोधित किया और कहा- ‘कुछ दिन पहले आपके सीएम ने एक ट्वीट किया था कि दलित और पिछड़ी जात वाले, अगड़ी जात वालों और सवर्णों की सेवा करने के लिए पैदा हुए हैं। इससे बड़ा अपमान और क्या हो सकता है? मैं आपलोगों से पूछना चाहता हूं कि आप लोग चुप क्यों हो? आपको चुप नहीं होना चाहिए। दलित, ओबीसी, आदिवासी, अल्पसंख्यक किसी से भी कम नहीं हैं। हम नफरत को मिटाना चाहते हैं। हमारा काम असम, अरूणाचल, मणिपुर, नागालैंड में नफरत के बाजार में मोहब्बत की दूकान खोलने का है। हम देश को जोड़ने का काम करते हैं।’

रात्रि विश्राम के लिए भारत जोड़ो न्याय यात्रा बिष्णुपुर असम की तरफ चल पड़ी।

“देश का कोई भी व्यक्ति, जो अपने ऊपर अन्याय महसूस कर रहा है, जिसके ऊपर किसी भी तरह का अन्याय हो रहा है, वो न्याय योद्धा बन सकता है। अगर आप भी न्याय योद्धा बनना चाहते हैं तो 9891802024 पर मिस्ड कॉल करें।”

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